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लुधियाना में वडिंग ने सुनी मजदूरों और आढ़तियों की समस्याएं:कमीशन और ईपीएफ कटौती पर जताई चिंता, बोले- घोषणापत्र में शामिल होंगी मांगें




पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग रविवार को जगराओं अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने यहां एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मंडी में लिफ्टिंग कार्य में लगे मजदूरों की समस्याएं सुनीं और मंडी के हालात का जायजा लिया। अपने मंडी दौरे के दौरान, राजा वडिंग ने कांग्रेस के पूर्व देहाती प्रधान सोनी गालिब की आढ़त पर आढ़तियों से मुलाकात की। इस बैठक में कमीशन और ईपीएफ से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। आढ़तियों ने बताया कि इन समस्याओं के कारण उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने का दिया भरोसा वडिंग ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि वे आगामी संसद सत्र में कमीशन और ईपीएफ कटौती के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने आढ़तियों की कई मांगों को कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल करने का भी भरोसा दिया। आढ़ती नेताओं के साथ की बैठक मंडी पहुंचने पर पूर्व जिला कांग्रेस देहाती प्रधान करनजीत सिंह सोनी गालिब ने राजा वडिंग का स्वागत किया। इसके बाद दिवंगत सांसद गुरचरन सिंह गालिब की आढ़ती दुकान पर आढ़ती नेताओं के साथ बैठक हुई। आढ़ती एसोसिएशन ने बताई समस्याएं आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कन्हैया गुप्ता बांका, जिला प्रधान राजकुमार भल्ला और नन्नू सिंगला समेत अन्य प्रतिनिधियों ने कमीशन से जुड़ी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने उनका कमीशन घटा दिया था, जिसे अभी तक बहाल नहीं किया गया है। 9 हजार करोड़ रुपए का बकाया वर्तमान गेहूं एमएसपी के अनुसार, आढ़त 64.62 रुपये बनती है, जबकि उन्हें केवल 46 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। आढ़तियों के अनुसार, कोरोना काल से लागू इस कटौती के कारण लगभग 9 हजार करोड़ रुपए का बकाया बनता है। यह राशि हर सीजन में करीब 850 करोड़ रुपए के हिसाब से बढ़ रही है। प्रति क्विंटल 4.54 रुपए का सीधा नुकसान इसके अतिरिक्त, उन्हें प्रति क्विंटल 4.54 रुपये का सीधा नुकसान भी हो रहा है। ईपीएफ के मुद्दे पर आढ़तियों ने तर्क दिया कि मंडियों में उनके पास स्थायी मजदूर नहीं होते, इसलिए यह नियम उन पर लागू नहीं होना चाहिए। मजदूरों की भी सुनी समस्याएं कन्हैया गुप्ता बांका ने बताया कि अदालत में केस जीतने के बावजूद केंद्र सरकार से उन्हें राहत नहीं मिली है। वडिंग ने इन मांगों को उचित ठहराते हुए संसद में आढ़तियों की आवाज बनने का आश्वासन दिया।इसके बाद सांसद मंडी के भीतर गेहूं के ढेर पर बैठकर मजदूरों की समस्याएं सुनने भी पहुंचे, जहां मजदूरों ने उनसे लंबी चर्चा की।



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