लुधियाना जिला कचहरी परिसर में देर शाम एक बार फिर लिफ्ट में तकनीकी खराबी और बिजली गुल होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते बचा। बिजली जाने की वजह से लिफ्ट बीच में ही अटक गई जिसमें दो लोग (एक एडवोकेट क्लर्क और एक अन्य) करीब 35 मिनट तक फंसे रहे। अंधेरे और घुटन के बीच फंसे दोनों युवक मदद के लिए चिल्लाते रहे, जिसके बाद उन्हें कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला गया। आवाज सुनकर पहुंचे लोग प्रत्यक्षदर्शी दिनेश कुमार ने बताया कि वह शाम करीब 5:13 बजे पास से गुजर रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट से जोर-जोर से आवाजें सुनाई देने लगीं। जब वे पास पहुंचे तो अंदर से बचाओ-बचाओ की चीखें आ रही थीं। हिमाकर ने तुरंत लिफ्ट ऑपरेटर को इसकी सूचना दी और मौके पर भीड़ जमा हो गई। पहली और ग्राउंड फ्लोर के बीच अटकी थी लिफ्ट जानकारी के मुताबिक लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से ऊपर की ओर जा रही थी तभी अचानक लाइट चली गई और लिफ्ट पहले फ्लोर पर पहुंचने से पहले ही अटक गई। ऑपरेटर ने मौके पर पहुंचकर मैनुअल तरीके से लिफ्ट को पांचवीं मंजिल से ऊपर खींचा जिसके बाद लिफ्ट को पहले फ्लोर के लेवल पर लाया गया। गेट खोलते ही दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। घबराहट में बिगड़ी हालत, दी गई प्राथमिक सहायता करीब 35 मिनट तक बंद डिब्बे जैसी लिफ्ट में फंसे रहने के कारण दोनों युवक बुरी तरह घबरा गए थे और उन्हें पसीने आ रहे थे। बाहर निकलते ही उन्हें पानी पिलाया गया और पंखे की हवा देकर सामान्य किया गया। कुछ दिन पहले भी हुआ था हादसा बता दें कि लुधियाना कोर्ट परिसर में लिफ्ट फंसने का यह पहला मामला नहीं है। इससे कुछ दिन पहले भी लिफ्ट में लोग फंस गए थे। बार-बार हो रहे इन हादसों के कारण वकीलों और कोर्ट आने वाले लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। लोगों का कहना है कि लिफ्ट की समय पर मेंटेनेंस न होना और पावर बैकअप की कमी जानलेवा साबित हो सकती है।
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