Related Posts

लुक्खे वेब सीरीज विवाद पर बोले योगराज- मेरा क्या कसूर:डायरेक्टर ने स्क्रिप्ट लिखी, बदलने की मेरी मजाल नहीं; मेरे घर भी मां-बहन और बेटी




पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और अभिनेता योगराज सिंह को महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके घर में भी मां, बहन और बेटी हैं और वह महिलाओं का सम्मान करते हैं। ये संस्कार उन्हें उनके बुजुर्गों ने सिखाए हैं। एफआईआर के अनुसार, 8 मई 2026 को रिलीज हुई वेब सीरीज लुखे की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। शिकायतकर्ता एडवोकेट उज्जवल भसीन ने आरोप लगाया कि वीडियो में महिलाओं के लिए बेहद अपमानजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। अब विस्तार से पढ़िए योगराज सिंह ने क्या कहा:- बचाव पक्ष की दलील- अभिनेता के तौर पर किरदार निभाया बचाव पक्ष ने कहा कि वेब सीरीज की स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी और उन्होंने केवल अभिनेता के तौर पर अपना किरदार निभाया। उनका किसी को ठेस पहुंचाने या महिलाओं का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। वकीलों ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। साथ ही कहा गया कि मामले में उनसे कोई बरामदगी नहीं होनी है और वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
शिकायत में क्या, 4 पॉइंट में पढ़िए… अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया: जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं एडवोकेट उज्ज्वल भसीन और जतिन वर्मा की तरफ से यह शिकायत 12 मई को एसएसपी को भेजी गई है। उन्होंने दलील दी है कि सोशल मीडिया पर 17 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें महिलाओं के खिलाफ शर्मनाक, अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कहा गया है “जनानी दिन में चूल्हे…” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। जो चीज बोली जा रही है वह बकायदा स्क्रीन में लिखा आता है। महिलाओं की गरिमा पर सीधा हमला: पत्र में दूसरा तर्क है यह न केवल अपमानजनक है, बल्कि हमारी माताओं, बहनों, बेटियों और पत्नियों सहित हर महिला की गरिमा, शालीनता और सम्मान पर सीधा हमला है। योगराज सिंह जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली व्यक्ति के मुंह से ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है। योगराज सिंह के खिलाफ FIR की मांग: शिकायत में लिखा गया कि क्या ऐसे बयान वास्तव में सिख सिद्धांतों से जुड़ी समानता और सम्मान की शिक्षाओं को दर्शाते हैं? ऐसी भाषा उन नैतिक मूल्यों के खिलाफ है, जो एक “गुरु सिख” से अपेक्षित होते हैं। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए योगराज सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सेलिब्रिटी होने के बावजूद गैरजिम्मेदाराना भाषा: शिकायत के आखिर में उन्होंने दलील दी है कि एक जानी-मानी हस्ती होने के नाते उनके ऐसे बयान समाज में महिलाओं के प्रति नफरत की विचारधारा को सामान्य बनाने और सार्वजनिक भावनाओं को आहत करने का काम करते हैं।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें