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रोहतक में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग:अभिभावकों ने बच्चों के साथ अंबेडकर चौक पर काटी रात, दिल्ली पुलिस के खिलाफ लगाए नारे




रोहतक में दिल्ली जंतर पर 20 जुलाई को स्टूडेंट के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में और नीट पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ अंबेडकर चौक पर 12 घंटे रात जागो देश बचाओ अभियान में हिस्सा लिया। पूरी रात स्टूडेंट व अभिभावक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। रात जागो देश बचाओ अभियान में शामिल हुई वनिता ढाका ने कहा कि शिक्षा के लिए व बच्चों के साथ जो कांड हो रहा है, उसको लेकर धरने पर आए है। नीट का पेपर लीक किया गया। 2014 से लेकर अब तक लगातार पेपर लीक हो रहे है। आज जनता जागरूक हो चुकी है। आज हम बच्चों के हक के लिए लड़ेंगे। वोट देते है तो अब उनकी मांग पर शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। पुलिस कार्रवाई से जनता नाराज
वनिता ढाका ने कहा कि पुलिस ने 20 जुलाई को अच्छा नहीं किया, पुलिस वालों के लिए नाराज है। अब बच्चों के साथ दिल्ली भी जाएंगे। अनपढ़ सरकार ने युवाओं पर अत्याचार किया, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा। हमें सड़कों पर निकलना पड़ता है, क्योंकि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। महिला सड़क पर उतरेगी तो लिखा जाएगा इतिहास
वनिता ढाका ने कहा कि भाजपा सरकार एक दिन जरूर मानेगी। एक मां की आवाज है। जब एक स्त्री रोड पर उतरती है, अवतार ले लेती है तो क्या हो सकता है, इसका इतिहास गवाह है। आज फिर महिला सड़क पर उतर चुकी है तो अब फिर इतिहास लिखा जाएगा। भाजपा सरकार की शह पर चली लाठियां
एसएफआई के जिलाध्यक्ष अमित पिलाना ने कहा कि देशभर में पेपर लीक व भ्रष्टाचार का मामला उठा हुआ है। जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन व संसद मार्च किया तो भाजपा सरकार की शह पर लाठी चार्ज किया गया। छात्राओं के साथ भी बर्बरतापूर्ण व्यवहार करते हुए प्राइवेट पार्ट पर भी मारा गया। दिल्ली पुलिस ने चक्रव्यू में फंसाकर किया हमला
अमित पिलाना ने कहा कि जैसे अभिमन्यु को चक्रव्यू में फंसाया गया, उसी प्रकार देश के युवाओं को कैनाट प्लेस व जंतर मंतर के आसपास चक्रव्यू में फंसाकर आंसू गैस के गोले, वाट कैनन और इलेक्ट्रिक शॉट लगाए गए। कई छात्रों को माइनर अटैक भी आया, जिन्हें सीपीआर भी दिया गया। अभी तक एक लड़की की मौत की खबर आई है, जिसकी जिम्मेदार सरकार व दिल्ली पुलिस है। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी पड़ेगी
अमित पिलाना ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं है। अगर तैयार होती तो 20 जुलाई को बात करती, लेकिन तानाशाही रवैया अपनाया गया। सोनम वांगचुक को जिस प्रकार उठाया गया, वह लोकतंत्र की हत्या है। आज पूरे देश के युवा एकजुट होकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे है, इसलिए सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी होगी। धर्मेंद्र प्रधान एबीवीपी के रहे महासचिव
अमित पिलाना ने कहा कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान आरएसएस से जुड़े हुए है और एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे है। सरकार में उनका प्रभाव अधिक है। सरकार डरती है कि अगर शिक्षामंत्री का इस्तीफा लिया तो आरएसएस का जो सपोर्ट उन्हें मिला हुआ है, वह हट जाएगा। शिक्षामंत्री को पेपर लीक की लेनी चाहिए जिम्मेदारी
दिशा छात्र संगठन से इंद्रजीत ने कहा कि दिल्ली में छात्रों का जो संघर्ष जारी है, उसके समर्थन में एकत्रित हुए है। धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। नीट का पेपर लीक होने से 22 युवाओं ने सुसाइड कर लिया। 12 साल में 172 परीक्षाओं में घोटाले हुए और 87 परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा। दो करोड़ रोजगार देने का वादा भी जुमला साबित हुआ। एनटीए पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही
किसान नेता सुमित सिंह ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को बचाने के लिए जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहा है। एनटीए की तरफ से पेपर लीक हो रहे है लेकिन सरकार जवाबदेही तय नहीं करती। दिल्ली में बैठे युवाओं के समर्थन में 12 घंटे का पड़ाव अंबेडकर चौक पर डाला गया। जायज मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे है लेकिन पुलिस उनकी आवाज को दबाने में लगी हुई है। सुमित सिंह ने कहा कि सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देता है तो सिद्ध हो जाएगा कि सरकार की गलती है, इसलिए सरकार अपनी तानाशाही कर रही है। शिक्षामंत्री ही एनटीए को लाने वाला है, इसलिए शिक्षामंत्री की जिम्मेदारी है।



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