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नारनौल में 8 साल बाद फिर शुरू हुआ फुटपाथ निर्माण:1.59 करोड़ के नाला निर्माण कार्य की उपयोगिता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता




हरियाणा के नारनौल शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल रेवाड़ी रोड पर करीब आठ वर्ष पहले शुरू की गई फुटपाथ और नाला निर्माण परियोजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। वर्षों तक अधूरी पड़ी इस योजना को नगर परिषद ने दोबारा गति देते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अब कीया वाहन शोरूम से आगे सड़क के उस हिस्से पर काम शुरू हुआ है, जिसे लंबे समय से अधूरा छोड़ दिया गया था। फिलहाल जेसीबी की मदद से बरम तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद यहां टाइलों वाला फुटपाथ बनाया जाएगा। हालांकि निर्माण शुरू होते ही वन विभाग ने सड़क किनारे हरियाली को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए आपत्ति भी दर्ज कराई है। 1.59 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने करीब आठ वर्ष पहले गंदे नाले से लेकर कृष्णावती नदी स्थित वन विभाग की जंगलात तक सड़क के दोनों ओर नाले और फुटपाथ बनाने की योजना को मंजूरी दी थी। नालों के निर्माण के लिए करीब 1.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि फुटपाथ निर्माण के लिए अलग से करोड़ों रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। हर बार रुका बीते वर्षों में निर्माण कार्य कई बार शुरू हुआ, लेकिन हर बार बीच में ही रुक गया। सड़क के एक ओर फुटपाथ का निर्माण कर दिया गया, जबकि दूसरी ओर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया। इसके कारण लोगों को कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ा। गर्मियों में धूल और बरसात में कीचड़ के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपयोगिता पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने परियोजना के तहत बनाए गए नालों की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क का स्तर ऊंचा कर दिया गया, जबकि आसपास की गलियां और मकान पुराने स्तर पर ही हैं। ऐसे में वर्षा का पानी नालों तक नहीं पहुंच पाता और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनी रहती है। कई नालों की वर्षों से सफाई नहीं हुई, जिससे वे भी अवरुद्ध हो चुके हैं। जागरूक नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता और लागत को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि नालों के निर्माण पर हुए खर्च और उनकी संरचना को देखते हुए तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अब किया जाएगा पूरा नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता राकेश पूनिया ने बताया कि यह पुराना अधूरा कार्य है, जिसे अब पूरा कराया जा रहा है। पहले बरम तैयार किया जाएगा और इसके बाद टाइलों वाला फुटपाथ बनाया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार परियोजना को बीच में नहीं छोड़ा जाएगा और शहर को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।



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