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रोहतक की मॉडल टाउन मार्केट में लगी आग का मामला:सूचना मिलने के 5 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड, 21 गाड़ियों ने पाया आग पर काबू




रोहतक के मॉडल टाउन स्थित डी-पार्क की मार्केट में 9 जून को लगी आग में फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने के मात्र 5 मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई। एक के बाद एक 21 गाड़ियों ने करीब 8 घंटे बाद आग पर काबू पाया। मॉडल टाउन स्थित जूतों की दुकान में 9 जून को दोपहर करीब 2 बजे आग लग गई थी, जिसने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। आग लगने के कारण 10 दुकान जलकर राख हो गई। आग लगने के से लेकर बुधवार शाम तक करीब 80 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। लेकिन दुकानों की दीवारों से फिर भी धुंआ निकलता रहा। 2:22 पर गई कॉल, 2:27 पर पहुंची गाड़ी
दुकानों में आग करीब 2 बजे लगी थी, जबकि फायर ब्रिगेड को सूचना 2:22 पर दी गई। सूचना मिलते ही मानसरोवर के पास से 3 गाड़ियां मात्र 5 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई। इनमें एक गाड़ी दिल्ली रोड की तरफ तो दो गाड़ियां मॉडल टाउन चौकी की तरफ से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही थी। 2:28 पर सेक्टर-5 फायर स्टेशन को मिली सूचना
आग लगने की सूचना मानसरोवर पार्क के पास वाले फायर स्टेशन से सेक्टर-5 वाले फायर स्टेशन को 2:28 पर दी गई। सूचना मिलने के बाद फायर की 4 गाड़ियां वहां से निकली और कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। आग को देखते हुए सांपला, महम, कलानौर, जींद, गोहाना, झज्जर, बहादुरगढ़ व भिवानी से भी गाड़ियों को बुलाया गया। गाड़ी जाम नहीं हुई, बल्कि पंप को पॉवर देने के लिए PTO दिया
फायर अधिकारियों की माने तो डी-पार्क पर आग बुझाने के दौरान कोई भी गाड़ी जाम नहीं हुई थी। गाड़ी के पंप को पावर देने के लिए गाड़ी को PTO दिया गया, यानि पॉवर टेक ऑफ किया गया, जिससे गाड़ी बंद थी। गाड़ी का कोई हैंड ब्रेक नहीं लगाया गया था। पूरे देश में केवल एयरपोर्ट पर ही ऐसी गाड़ी है, जो पीटीओ के दौरान चालू रहती है। वरना गाड़ी को बंद करना पड़ता है। कमेटी ने खंगाल लिए सीसीटीवी
प्रशासन की तरफ बनाई गई कमेटी ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। डी-पार्क के आसपास के सीसीटीवी चेक किए गए है। साथ ही फायर स्टेशन पर आई कॉल देखी गई और वहां लगे सीसीटीवी भी चेक किए कि कितनी देर में गाड़ी निकली है। फायर टीम ने आग बुझाने का पूरा प्रयास किया है। शव निकालने से NDRF ने कर दिया था इनकार
फायर विभाग के सूत्रों की माने तो आगजनी के दौरान जब शव निकालने के लिए अंदर जाना था तो NDRF की टीम ने साफ मना कर दिया था, क्योंकि दीवार कमजोर हो चुकी थी और आग सुलग रही थी। ऐसे में फायर कर्मचारियों ने बहादुरी दिखाते हुए जले हुए सामान में प्रवेश किया और शवों को बाहर निकाला था। दुकानों की छत पर नहीं था निकलने का रास्ता
फायर कर्मचारी जब आग बुझाने के लिए पीजी की छत पर चढ़े तो देखा कि दुकानों की छत पर नीचे जाने का रास्ता ही नहीं था, इसलिए दीवार को काटना पड़ा। अगर दुकानों के अंदर ऊपर छत तक जाने का रास्ता होता तो कर्मचारी छत पर जाकर अपनी जान बचा सकते थे। दुकानों में नहीं मिले आग बुझाने के यंत्र
फायर विभाग को आग के कारण जली दुकानों के अंदर ऐसा कोई यंत्र नहीं मिला, जिससे आग बुझाई जा सके। किसी भी दुकान में अग्नि शमन यंत्र तक नहीं थे और न ही कोई फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया हुआ था। शहर में अधिकांश दुकानों के अंदर यही हाल है। दुकानदारों ने फायर एनओसी तक नहीं ले रखी। जिले में फायर विभाग के पास 11 गाड़ियां
जिले में फायर विभाग के पास कुल 11 गाड़ियां है, जिनमें से 4 गाड़ियां मानसरोवर पार्क के पास वाले फायर स्टेशन पर, 3 गाड़ियां सेक्टर-5 वाले फायर स्टेशन, बाकी गाड़ियां महम, सांपला व कलानौर में है। वहीं, फायर विभाग में कुल 106 कर्मचारी भी कार्यरत है, जो शिफ्ट के हिसाब से काम करते हैं। समय पर पहुंची थी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
फायर विभाग के अधिकारी उत्कृष ने बताया कि सूचना मिलने के बाद गाड़ियां मात्र 5 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई थी। प्रशासन की कमेटी ने आसपास के सीसीटीवी भी चेक किए है। वहीं, फायर विभाग में लगे सीसीटीवी भी चेक किए गए है। फायर विभाग की टीम ने अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ किया है।



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