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रेवाड़ी में सीवर-नालों की निगरानी करेंगे नोडल अधिकारी:DC ने नियुक्त किए; 30 जून तक देनी होगी रिपोर्ट, मानसून से पहले सफाई के निर्देश




बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए रेवाड़ी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त (डीसी) अभिषेक मीणा ने रेवाड़ी नगर परिषद बावल और धारूहेड़ा नगर पालिका के अलावा जिले के विभिन्न बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण कर 30 जून तक रिपोर्ट डीसी कार्यालय में सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में डीसी कार्यालय की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे अपने-अपने नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर सफाई कार्य पूरा कराना सुनिश्चित करें। डीसी ने खुद संभाली एक साइट की जिम्मेदारी जारी आदेश के अनुसार, डीसी अभिषेक मीणा ने नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत बावल रोड से तुर्कियावास रोड तक के आइटम नंबर-24 की निगरानी स्वयं अपने पास रखी है। वहीं, एडीसी को सेक्टर-4 स्थित स्टॉर्म वाटर ड्रेन (आइटम नंबर-23) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला नगर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम), एसडीएम रेवाड़ी, एसडीएम बावल और एसडीएम कोसली को अलग-अलग क्षेत्रों और ड्रेनों की जिम्मेदारी दी गई है। सभी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर सफाई कार्य की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बावल-धारूहेड़ा की 30 साइटों पर भी रहेगी निगरानी रेवाड़ी शहर के अलावा बावल और धारूहेड़ा क्षेत्र की कुल 30 साइटों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें बावल की 16 और धारूहेड़ा की 14 साइट शामिल हैं। इन क्षेत्रों की अधिकांश साइटों की निगरानी की जिम्मेदारी एसडीएम बावल को सौंपी गई है। वहीं रेवाड़ी और जाटूसाना ड्रेन की मॉनिटरिंग एसडीएम कोसली करेंगे। 139.59 करोड़ के टेंडर पहले ही हो चुके जारी नगर परिषद रेवाड़ी ने बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई के लिए कुल 139.59 करोड़ रुपए के छह टेंडर जारी किए हैं। इनमें 102.36 करोड़ रुपए के चार टेंडर एक ही ठेकेदार को, जबकि 37.23 करोड़ रुपए के दो टेंडर दूसरे ठेकेदार को आवंटित किए गए हैं। हालांकि, नालों की सफाई को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पहले भी सवालों के घेरे में रही है। हर साल मामूली बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसी को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सफाई कार्य कराने का निर्णय लिया है, ताकि समय रहते नालों की सफाई पूरी हो और बरसात के दौरान शहर, बावल और धारूहेड़ा में जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। यहां देखें डीसी द्वारा जारी आदेश की कॉपी



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