रेवाड़ी में बिजली ठप रहने से अब ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। शुक्रवार को तिहाड़ा में ग्रामीणों ने प्राणपुरा रोड जाम कर अपना विरोध जताया। जाम की सूचना मिलने के बाद बावल के एसडीएम, एसएचओ व बिजली निगम के एसडीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से रोड जाम खोलने को कहा। जिस पर ग्रामीणों ने अधिकारियों को खरी-खरी सुना दी। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्त के बाद अधिकारी ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए मना पाए। जानिए क्या बोले ग्रामीण तिहाड़ा में जाम की सूचना पर एसडीएम संजीव कुमार, एसएचओ फूल कुमार व सएडीओ संजय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के सामने ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण बोले, सुनो-सुना-सुनो- जनाब। गाम के सारे रास्ते बंद पड़े हैं। गाम मैं कोई हारी-बीमारी आए जाए तो कैसे लेकर जावांगै। बिजली तो आवैगी, तब आवैगी। कम से कम रास्तां नै तो खोल दों। एसएचओ के कुछ बोलने पर महिलाओं ने ना में हाथ हिलाते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया। सुनो, टिकलां कै मैं, भगवानपुर कै मैं सप्लाई चालू कर दी। याहडे चार दिन होंगै। पानी की बूंद भी कौनी, पशु तिसाए मैरगे। वृद्ध चिल्लाया, यूं गाम कौनी, मजबूरी में यूं करना पड्या। लाइन पड़ैते ही लाइनमैन न बतां दिया था, पर कोई गौर नी करीं। फिर दूसरा व्यक्ति बोला, कितै तै ले जाए बीमार हो जाए तो आदमी….। मंगलवार से सप्लाई ठप्प रेवाड़ी में मंगलवार को बरसात के साथ आंधी तूफान से बिजली के करीब 650 खंभे टूटे थे। 35 बिजली ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए थे। जिससे अकेले बावल क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। कई गांवों में चार दिन बाद शुक्रवार को भी सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को तिहाड़ा के ग्रामीणों ने प्राणपुरा रोड पर जाम लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। वीरवार को बावल में रोड जाम किया था।
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