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पंजाब सरकार द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के बाद रोपड़ के सरकारी कॉलेज का फुटबॉल ग्राउंड में बरसाती पानी भर गया है, जिस कारण खिलाड़ियों का अभ्यास रुक गया है। मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए कॉलेज ग्राउंड की मुख्य दीवार भी तोड़ दी गई थी। कॉलेज ग्राउंड की बदहाली को लेकर शहर में राजनीति भी गरमा गई है। पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन खेल मैदान को तबाह करना गलत है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यक्रम अनाज मंडी जैसी जगहों पर आयोजित किए जा सकते थे। खेल मैदान को पहले की तरह बहाल करने की मांग ढिल्लों ने मांग की कि मैदान को तुरंत उसकी पहले जैसी स्थिति में बहाल किया जाए और मरम्मत का खर्च जनता के टैक्स के बजाय सरकार वहन करे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान हुई कथित करंट लगने की घटनाओं और चोरियों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए स्थानीय विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा कि सरकार केवल ग्राउंड की मरम्मत नहीं करेगी, बल्कि उसे पहले से कई गुना बेहतर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाकर खिलाड़ियों को सौंपेगी। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में सबसे अधिक स्टेडियमों का निर्माण हुआ है। जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी : विधायक वेन्यू के चयन पर सफाई देते हुए विधायक चड्ढा ने कहा कि शहर के लोगों की सुविधा के लिए स्थान तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को अंदेशा नहीं था कि बरसात का पानी इसी ग्राउंड में भर जाएगा, क्योंकि यह वर्षों पुरानी समस्या है जिसके लिए पूर्व की सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि शहर के आसपास जिन जमीनों पर स्थायी वेन्यू बन सकते थे, उन पर विपक्षी नेताओं और उनके रिश्तेदारों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। सरकार अब इन कब्जों को मुक्त कराकर भविष्य के लिए आधुनिक सार्वजनिक वेन्यू विकसित करेगी।
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