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यमुनानगर पुलिस ने अमेरिका से डिपोर्ट आरोपी को दबोचा:दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार, आढ़ती से मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी




यमुनानगर के व्यासपुर थाना क्षेत्र में आढ़ती से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल गौरव उर्फ गोलू निवासी ताहरी तारपूर को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी को अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद व्यासपुर थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर लेकर आई। अदालत में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मिली है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। गोल्डी बराड़ गैंग का नाम लेकर मांगी थी रंगदारी पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 को व्यासपुर थाना में अनाज मंडी के आढ़ती शिव कुमार ने शिकायत दी थी कि 19 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य बताते हुए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि उसके परिवार की पूरी जानकारी उनके पास है और यदि पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने 70 से 80 लाख रुपये में समझौता करने की भी बात कही। लगातार फोन कर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हरप्रीत उर्फ मनु और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर उन स्थानों की भी पहचान कराई गई, जहां बैठकर रंगदारी की योजना बनाई गई थी। एक-एक कर कई आरोपी गिरफ्तार हुए मामले की जांच में पुलिस ने बाद में दीपेश शर्मा, प्रकाश रंजन उर्फ सन्नी (बिहार), युवराज सिंह, सतेंद्र कुमार और गुरमेज सिंह को भी गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ कर कई अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि मुख्य आरोपी गौरव पुलिस से बचकर विदेश भाग गया था। अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तारी पुलिस को हाल ही में इमिग्रेशन ब्यूरो से सूचना मिली कि गौरव उर्फ गोलू को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीन कुमार के नेतृत्व में व्यासपुर थाना की टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची और लुकआउट सर्कुलर के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका पासपोर्ट, अमेरिकी डॉलर, अस्थायी पिन वाला बैंक कार्ड, डेबिट कार्ड, दो बोर्डिंग पास और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया। सभी सामान को कब्जे में लेकर अदालत में पेश किया गया। अब असलम और अन्य साथियों की तलाश पूछताछ के दौरान गौरव ने पुलिस को बताया कि उसे बरेली निवासी असलम ने व्यासपुर बुलाया था। इसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब असलम की तलाश में जुट गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनसे आरोपी लगातार संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी विदेश कैसे भागा, उसके रंगदारी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, फरार आरोपी कौन-कौन हैं, किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।



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