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मोहाली में बिजली कटौती से परेशान किसानों का सब्र टूटा:धान के सीजन में सिंचाई का संकट, सैदपुर ग्रिड घेरा, जाम, आश्वासन पर माने




मोहाली में धान की रोपाई और सिंचाई के इस बेहद महत्वपूर्ण सीजन में बिजली की अघोषित कटौती से परेशान किसानों का सब्र सोमवार को टूट गया। अनियमित बिजली आपूर्ति से गुस्साए गांव बेहड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों ने सैदपुर बिजली ग्रिड कार्यालय के बाहर डेराबस्सी-बरवाला मुख्य मार्ग पर पूरी तरह चक्का जाम कर दिया। पावरकॉम (बिजली विभाग) के खिलाफ किया गया यह तीखा प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों गुल रहती है बत्ती, सूख रहे हैं धान के खेत प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी गंभीर समस्याओं को साझा करते हुए बताया कि धान की फसल को इस समय सबसे ज्यादा और नियमित पानी की जरूरत होती है। सरकार के दावों के विपरीत, कृषि फीडरों पर तय शिड्यूल के अनुसार बिजली की सप्लाई नहीं दी जा रही है। कई-कई घंटों तक लगातार बिजली गुल रहने के कारण खेतों में लगे ट्यूबवेल शोपीस बनकर रह गए हैं। पानी न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों की लागत और चिंता दोनों लगातार बढ़ रही हैं। बिना बताए कट लगाने का आरोप, किसान रात-दिन जागने को मजबूर किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पावरकट लगाने से पहले कोई पूर्व सूचना या टाइम-टेबल जारी नहीं किया जाता। इस कारण किसानों को चिलचिलाती धूप और रातों को खेतों में बैठकर बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है। किसानों की जुबानी, उनकी परेशानी किसान कुलवंत सिंह का कहना है धान की फसल के लिए यह सबसे अहम और नाजुक समय है। बिजली न मिलने से सिंचाई पूरी तरह ठप है और हमारी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बढ़ गया है।”किसान जगसीर सिंह का कहना है कि बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। घंटों इंतजार में हमारा पूरा डेली शिड्यूल और खेती का कार्यक्रम बिगड़ चुका है। किसान सुखदेव सिंह चेतावनी दी कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है। यदि आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर बिजली की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो पूरे क्षेत्र के किसान इकट्ठा होकर एक बहुत बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।”
अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम चक्का जाम और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के आला अधिकारी और स्थानीय प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसान नेताओं से काफी देर तक बातचीत की और उनकी जायज शिकायतों को सुना। पावरकॉम के अधिकारियों द्वारा कृषि फीडरों पर बिना किसी कटौती के नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का पुख्ता आश्वासन दिए जाने के बाद ही किसानों ने शांत होकर जाम खोला। इसके बाद डेराबस्सी-बरवाला मार्ग पर यातायात को दोबारा सामान्य बहाल किया जा सका।



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