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मोदी ने किया मारुति-सुज़ुकी के खरखौदा प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन:100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी से होगा संचालन; क्षमता बढ़कर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष होगी




हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा में स्थापित मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के अत्याधुनिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का गुरुवार को उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान हुए इस उद्घाटन को भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। 800 एकड़ में विकसित इस प्लांट की वर्तमान उत्पादन क्षमता पांच लाख वाहन प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में 35 हजार करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा। पूरी क्षमता विकसित होने के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में शामिल होगा। इस परियोजना से 21 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के जरिए भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई गति मिलेगी। पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईएमटी खरखौदा स्थित मारुति सुज़ुकी के नए व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर एवं प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुज़ुकी, मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ हिसाशी ताकेउचि समेत भारत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कंपनी ने इसे भारत में अपने चार दशक से अधिक लंबे सफर का महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश मारुति सुज़ुकी के अनुसार खरखौदा प्लांट और इंटीग्रेटेड सप्लायर पार्क को मिलाकर इस परियोजना में कुल 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वर्तमान में प्लांट की उत्पादन क्षमता पांच लाख वाहन प्रतिवर्ष है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने पर 21 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कंपनी का मानना है कि यह निवेश हरियाणा के औद्योगिक विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। दुनिया की सबसे बड़ी व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का कहना है कि 10 लाख यूनिट वार्षिक क्षमता हासिल करने के बाद खरखौदा प्लांट दुनिया के सबसे बड़े व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में शामिल होगा। यह प्लांट मारुति सुज़ुकी के सालाना 40 लाख वाहनों के उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल निर्माण और निर्यात केंद्र बनाने की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। ‘सुज़ुकी स्मार्ट फैक्ट्री’ और इंडस्ट्री 5.0 तकनीक पर आधारित है प्लांट खरखौदा प्लांट को ‘सुज़ुकी स्मार्ट फैक्ट्री’ कॉन्सेप्ट के तहत विकसित किया गया है। यहां अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों की मदद से उत्पादन प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इंडस्ट्री 5.0 के अनुरूप यहां ह्यूमन-अवेयर कोलैबोरेटिव रोबोट (कोबोट्स) लगाए गए हैं, जो कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे उत्पादन की गुणवत्ता, सुरक्षा और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जबकि ऊर्जा की खपत भी कम होगी। 100 प्रतिशत हरित ऊर्जा से संचालित होगा प्लांट मारुति सुज़ुकी ने बताया कि इस प्लांट की बिजली की 100 प्रतिशत जरूरतें रिन्यूएबल एनर्जी से पूरी की जाएंगी। वर्तमान में यहां 20 मेगावाट पीक क्षमता का सोलर प्लांट संचालित है, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 70 मेगावाट पीक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 10 टन प्रतिदिन क्षमता का बायोगैस प्लांट और एक मेगावाट घंटा क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और रेलवे साइडिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं यह प्लांट ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्रणाली पर आधारित है, जिसके तहत इस्तेमाल किए गए पानी की 100 प्रतिशत रीसाइक्लिंग की जाएगी। प्लांट की कुल जल आवश्यकता का लगभग दो-तिहाई हिस्सा रीसाइक्लिंग और वर्षा जल संचयन से पूरा होगा। वहीं वाहनों के परिवहन के लिए प्लांट परिसर में ही रेलवे साइडिंग विकसित की जाएगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी।
आसपास के गांवों के विकास और युवाओं के कौशल पर भी फोकस कंपनी सीएसआर के तहत खरखौदा प्लांट के आसपास स्थित 10 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक विकास से जुड़ी परियोजनाएं चला रही है। इसके साथ ही भारत-जापान सहयोग के तहत स्थापित जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग (JIM) के माध्यम से अब तक 2,600 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कंपनी ने भविष्य में सोनीपत और मानेसर स्थित संस्थानों में छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की भी योजना बनाई है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को मिलेगी नई मजबूती सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुज़ुकी ने कहा कि खरखौदा प्लांट का उद्घाटन भारत-जापान साझेदारी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत में तैयार होने वाले वाहनों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। मारुति सुज़ुकी का पहला बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन e VITARA भी भारत में निर्मित होकर दुनिया के 100 देशों में निर्यात किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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