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मोगा में आशा वर्करों ने खाली बर्तन बजाकर किया प्रदर्शन:सरकार के खिलाफ की नारेबाजी; कहा-न्यूनतम वेतन कानून किया जाए लागू




मोगा में आशा वर्करों ने लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बस स्टैंड चौक पर खाली बर्तन और थालियां बजाकर रोष व्यक्त किया। बड़ी संख्या में एकत्रित हुई वर्करों ने सरकार से अपनी मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान मनदीप कौर दीदारेवाला ने इस अवसर पर कहा कि पंजाब सरकार आशा वर्करों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने से पहले किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं, जिससे वर्करों में भारी असंतोष है। मनदीप कौर ने बताया कि आशा वर्कर भीषण गर्मी और 45 डिग्री से अधिक तापमान के बावजूद घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड बनवाने, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल, पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने, टीबी मरीजों की निगरानी और बुजुर्गों की देखभाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना महामारी, बाढ़ और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान भी आशा वर्करों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की। इसके बावजूद, सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इंसेंटिव को दोबारा बहाल किया जाए आशा वर्करों की मांगों में न्यूनतम वेतन कानून के तहत 24 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना, बंद किए गए इंसेंटिव को दोबारा बहाल करना, फैसिलिटेटरों के भत्ते में वृद्धि करना, एएनएम परीक्षा पास कर चुकी वर्करों को नियुक्ति पत्र जारी करना और सर्वेक्षणों तथा योजनाओं में उन्हें उचित सम्मान के साथ शामिल करना शामिल है। आशा वर्कर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास का भी घेराव किया जाएगा।



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