मथुरा में हुए नाव हादसे में जलालाबाद निवासी पंकज मल्होत्रा की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के छह दिन बाद उनका शव घटनास्थल से करीब सात किलोमीटर दूर बरामद हुआ। शुक्रवार को उनका शव पंजाब के जलालाबाद स्थित अग्रवाल कॉलोनी में उनके निवास पर लाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बाद में स्थानीय शिवभूमि श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के मौसा अश्वनी कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले मथुरा जिले के वृंदावन में केशी घाट के पास एक स्टीमर पलट गया था। इस हादसे में कई लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि कुछ लोग लापता हो गए थे। इन्हीं लापता लोगों में पंकज मल्होत्रा भी शामिल थे, जो अपने मौसा-मौसी के साथ मथुरा गए हुए थे। हादसे के बाद नहीं मिला था मृतक का शव हादसे के बाद से पंकज का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। छह दिन बाद उनका शव घटनास्थल से लगभग सात किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला। बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर कम होने के कारण शव वहां अटक गया था और बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकाला और वृंदावन के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पंकज अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार का कहना है कि वह घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, इसलिए सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की गई है। इस बीच, जलालाबाद के विधायक गोल्डी कंबोज ने हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी और सुरक्षा इंतजामों में गंभीर चूक हुई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। इलाके के लोगों ने भी परिवार के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें हिम्मत देने की प्रार्थना की।
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