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भ्रूण लिंग जांच करते हुए युवक ने बनाया वीडियो:6 महीने पहले इसी मामले में जेल जा चुका है आरोपी; छूटते ही फिर वही काम करने लगा




बागचीनी इलाके के हड़वासी गांव की नहर किनारे एक कच्ची तिबारिया (झोपड़ी) में चल रहे अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। महिलाओं की लगातार आवाजाही देखकर एक ग्रामीण ने वीडियो बनाया और झोपड़ी को बाहर से कुंडी लगा दी। हालांकि, मुख्य आरोपी और 6 महिलाएं छप्पर की घास हटाकर मारुति वैन से भाग निकले। बाद में ग्रामीणों की मदद से वैन चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी, वैन चालक और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। ग्रामीण ने बाहर से लगाई कुंडी, घास हटाकर भागे आरोपी हड़वासी गांव की नहर के पास एक वैन से बार-बार महिलाओं के आने-जाने पर ग्रामीण युवक विकास शर्मा को शक हुआ। वह वीडियो बनाते हुए वैन के पास पहुंचा और फिर उस कच्ची तिबारिया में जा पहुंचा, जहां निलंबित चपरासी संजय पचौरी द्वारा भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा था। अंदर 6 महिलाएं बैठी थीं। युवक ने बाहर से कुंडी लगा दी और मदद के लिए गांव की तरफ गया। इसी दौरान बाहर खड़े मारुति वैन चालक की मदद से झोपड़ी की घास हटाकर सभी आरोपी भागने में सफल हो गए। ग्रामीण युवक विकास शर्मा के अनुसार, “गांव के बाहर बनी तिबारिया पर महिलाओं का आना जाना बहुत था तो शक हुआ और वीडियो बनाने पहुंच गया। अंदर महिलाएं थीं और एक व्यक्ति महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। सामने गांव के छोटू उर्फ विक्रम ने अपना मुंह ढक लिया।” हाईवे पर महिलाओं को छोड़ा, ग्रामीणों ने वैन चालक को पकड़ा वैन में बैठकर सभी महिलाएं और मुख्य आरोपी संजय पचौरी मुंगावली गांव के पास नेशनल हाईवे 552 पर उतरे और वहां से किसी अन्य साधन से भाग गए। बाद में ग्रामीणों ने वैन का पीछा कर चालक राकेश प्रजापति को पकड़ लिया और उसे सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया। बागचीनी थाना प्रभारी शशि कुमार के अनुसार, “इस मामले में सिविल लाइन थाना में जीरो पर मामला दर्ज कर विवेचना बागचीनी थाने में भेजी है चूंकि घटना स्थल बागचीनी थाने के अंतर्गत आता है। तीन आरोपियों वाहन चालक राकेश प्रजापति, संजय पचौरी, विक्रम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।” 3 बार जेल जा चुका है मुख्य आरोपी, 800 रुपए रोज पर ली थी वैन भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला मुख्य आरोपी संजय पचौरी जौरा के सीएम राइज स्कूल में चपरासी पद पर पदस्थ था, जिसे 2024 में निलंबित कर दिया गया था। संजय पूर्व में भी इस रैकेट में तीन बार गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में वह 6 महीने की जेल काटने के बाद छूटा था और फिर से इसी काम में लग गया। वैन चालक राकेश प्रजापति के अनुसार, “संजय पचौरी ने उसकी गाड़ी को प्रतिदिन 800 रुपए पर किराए से लिया था। वह महिलाओं को बताए स्थान से लाने लेजाने का कार्य करता था। उसने सभी लोगों को मुंगावली चौराहे पर उतार दिया फिर वह किस वाहन से गए उसे नहीं पता।” इस मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुरैना के जौरा रोड के पास एक मकान में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए आरोपी फर्जी डॉक्टर संजू शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा। ग्वालियर की पीएनडीटी समिति को इस काले कारोबार की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ग्वालियर और मुरैना टीम ने सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा के साथ मुरैना में छापेमारी की… पूरी खबर पढ़ें



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