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भिवानी में NEET पेपर लीक के विरोध में उपवास:सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र; बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा




भिवानी में सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और उपवास रखा। उन्होंने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चले रहे धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाने का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन कर रहे ओमप्रकाश कामरेड, सीटू के जिला सचिव अनिल कुमार, किसान सभा की तहसील प्रधान संतोष देशवाल, सीटू के उप प्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर छात्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका समर्थन करते हुए वैज्ञानिक व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और जो बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, उस पर भी रोक लगाया जाए। आधे से ज्यादा पेपर रद्द किए उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में आधे से ज्यादा एग्जाम लीक होने व अन्य कारणों से रद्द करने पड़े हैं। जो छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ है। वहीं भविष्य भी अंधकार में आ गया है। सरकार को मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और आगे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कभी भी पेपर लीक ना हो। नीट पेपर लीक होने के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की है। वहीं पेपरों की तैयारी में युवाओं के लाखों रुपए व समय खर्च होता है। इसके बाद भी पेपर लीक हो जाते हैं और सरकार उन पेपर को रद्द करके छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करती है। लोकतंत्र का किया जा रहा हनन उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद कूच करने जा रहे लोगों को भी रोका जा रहा है। जो लोकतंत्र में गलत है अर्थात लोकतंत्र का हनन किया जा रहा है। लोकतंत्र में सभी का हक प्रदर्शन करने का होता है, लेकिन यह सरकार अघोषित आपातकाल लगाकर लोगों को प्रदर्शन करने से भी रोक रही है। अगर समय रहते केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो पीएम को इसका जवाब देना हो।



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