भिवानी विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा हमारा अपना फाउंडेशन एनजीओ भिवानी के सहयोग से स्थानीय एएनएम/जीएनएम गवर्नमेंट ट्रेनिंग स्कूल में शनिवार को पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई। जिसमें बच्चों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से मलेरिया से बचाव का संदेश दिया। बच्चों ने जागरूकता रैली भी निकाली। रैली का उद्देश्य शहर वासियों को विश्व मलेरिया दिवस पर मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करना है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिला भिवानी को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व मलेरिया दिवस को वर्ष 2008 से व्यापक स्तर पर मनाना शुरू किया था। मलेरिया को हरियाणा में जड़ से समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया गया है, जिसमें जिला भिवानी को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य हम तभी प्राप्त कर सकते हैं जब हम सभी जिलावासी इसमें पूर्ण सहयोग करेंगें। सीएचसी पर 5-5 बेड किए रिजर्व
सिविल सर्जन डॉ. शांडिल्य ने बताया कि जिले में आज सभी सब सेंटर, पीएचसी, सीएचसी, एसडीएच तथा जिला मुख्यालय पर विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। जिला भिवानी के सभी सीएचसी पर 5-5 बेड तथा सिविल अस्पतान भिवानी में वार्ड नंबर 9 को विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जिसमें 26 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिसमें जिसमें डेंगू,मलेरिया, चिकनगुनिया बुखार के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सभी बेड को मच्छरदानी युक्त किया गया है। कूलर आदि की नियमित सफाई करें
हमारा अपना फाउंडेशन के संस्थापक सचिन जैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हम आम जनता को सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जागरूकता रैली, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आदि के द्वारा समय-समय पर सहयोग करके जागरुक करते रहते हैं। उन्होने बच्चों को कहा कि मलेरिया से मुक्ति तभी संभव है, जब प्रत्येक बच्चा इस संदेश को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुचांएगा। सप्ताह में एक दिन अपने घर की सफाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कूलर आदि की नियमित रूप से सफाई करें। अपने आसपास पानी जमा ना होने दें
वीबीडी के उपसिविल सर्जन डॉ. राकेश खटक ने आम जनता से अनुरोध किया कि आप अपने स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई दवाई ना लें। जैसे ही बुखार होने पर आपके खून की जांच हो, अपने नजदीक के सरकारी अस्पताल में इलाज करवाएं। मलेरिया के लक्षण तेज बुखार आना, सिरदर्द होना, उल्टिया होना, सर्दी लगना आदि हैं। बुखार होने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर खून की जांच करवाएं। मलेरिया पाए जाने पर 14 दिन का पूर्ण उपचार करवाएं अन्यथा मलेरिया फिर से होने की संभावना बनी रहती है। मलेरिया से बचाव के लिए अपने घर के आस-पास पानी जमा ना होने दें, यदि यह संभव ना हो तो खड़े पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डाल दें। पूरी बाजू के कपड़े पहने ताकि मच्छर न काट सकें। इस दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता के बच्चों को पैन, डायरी, स्मृति चिह्न पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को चांदी के स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. मनीष श्योराण, पीएचएन ओमपति, स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश प्रसाद, सज्जन कुमार, सुनील कुमार, सुरजीत सिंह, श्याम सुंदर, रविंद्र, सुनील, विनोद, सुरजीत, नरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, परमजीत, सौरव, विजय कुमार, अशोक कुमार सहित सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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