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भिवानी में छात्रों को पुलिस ने रोका:पीएम के नाम ज्ञापन सौंपने जा रही थी एनएसयूआई, बोले- युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास




भिवानी में विद्यार्थियों की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, रोजगार एवं अन्य छात्र हितों से जुड़े मुद्दों का ज्ञापन पीएम मोदी के नाम सौंपने जा रहे एनएसयूआई के छात्र नेता एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोका। भिवानी एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यान ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में युवाओं के सपनों और विकसित भारत की बात कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं युवाओं की आवाज को पुलिस ने रोक दिया। यदि सरकार छात्रों के हितों के प्रति ईमानदार है तो शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने जा रहे छात्र नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी। छात्रों की आवाज पीएम तक पहुंचाने का प्रयास किया
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देशानुसार चलाए जा रहे “छात्रों की गूंज” अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत छात्रों की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचाने से रोकने का प्रयास किया। देश का छात्र सरकार से जवाब मांग रहा है कि NEET पेपर लीक, HTET विवाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताएं, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव, एससी-बीसी विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्तियां, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिम्मेदार कौन है? लेकिन इन सवालों का उत्तर देने के बजाय सरकार छात्रों की आवाज को दबाने में लगी हुई है। सरकार छात्रों के सवालों से बचना चाहती है- उमेश भारद्वाज
वहीं वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व छात्र नेता उमेश भारद्वाज ने कहा कि जिस सरकार को छात्रों के ज्ञापन से डर लगने लगे, उसे आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। यदि सरकार के पास अपनी शिक्षा नीति और कार्यप्रणाली का जवाब है तो उसे छात्रों की बात सुनने से परहेज नहीं होना चाहिए था। लेकिन आज शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने जा रहे छात्र नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को रोककर यह स्पष्ट कर दिया गया कि सरकार छात्रों के सवालों से बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, HTET विवाद, भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताएँ, छात्रवृत्ति में देरी और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं ने देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। इन विफलताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए। इस दौरान ऋतिक राणा, संदीप, जतिन, सचिन, इमरान, इरफान खान, कुणाल, साहिल, आरके, पवन, मोहम्मद, यश और सुनील आदि एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं छात्र उपस्थित रहे। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि यहां पर कुछ छात्र इकट्‌ठे हुए थे। इस सूचना पर वे पहुंचे थे। जिनको ज्ञापन सौंपना था। मंत्री के यहां ज्ञापन सौंपना है। प्रोपर चैनल के माध्यम से ज्ञापन दिलाया जाएगा।



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