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ब्लॉक स्तरीय योग प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवाल:रोहतक में खिलाड़ियों का जजमेंट व परिणामों पर फूटा गुस्सा, पक्षपात के लगाए आरोप




रोहतक के सर छोटूराम स्टेडियम में हुई 2 जून को ब्लॉक स्तरीय योग प्रतियोगिता के संचालन, जजमेंट प्रक्रिया, अधिकारियों की नियुक्ति व घोषित परिणामों को लेकर प्रतिभागियों एवं अभिभावकों के सवाल खड़े गए। साथ ही पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को शिकायत दी और पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की। शिकायतकर्ता खिलाड़ी पारिशा व आदर्श और उनके अभिभावकों ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने प्रतियोगिता की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद कुछ व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई, जबकि उनकी नियुक्ति, पात्रता एवं अधिकार क्षेत्र को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। प्रतियोगिता के नियमों का नहीं किया पालन
खिलाड़ियों ने कहा कि जिन प्रशिक्षकों अथवा शिक्षकों के विद्यार्थी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं, उन्हें जजमेंट अथवा परिणाम निर्धारण से संबंधित कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाती, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। लेकिन प्रतियोगिता के दौरान इस सिद्धांत का पालन नहीं किया गया, जिससे खिलाड़ियों एवं अभिभावकों के मन में पक्षपात की आशंका और अधिक गहरी हो गई। स्कोर शीट में बरती लापरवाही
खिलाड़यों का आरोप है कि स्कोर शीट की टोटलिंग एवं अंक गणना जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी गंभीर लापरवाही बरती गई। यदि परिणाम निर्माण की प्रक्रिया में अधिकृत अधिकारियों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों की सहायता ली गई है, तो यह प्रतियोगिता की विश्वसनीयता पर सीधा प्रश्न खड़ा करता है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। प्रतियोगिता में परिणाम में किया गया बदलाव
खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिता के परिणामों में एक से अधिक बार बदलाव किए जाने तथा अंतिम परिणाम समय पर सार्वजनिक न किए जाने से खिलाड़ियों एवं अभिभावकों के बीच भ्रम व अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हुई। इससे प्रतियोगिता की पारदर्शिता को लेकर संदेह और बढ़ गया। 10-18 वर्ष की प्रतियोगिता में आपत्ति दर्ज
खिलाड़ियों ने आयु वर्ग 10-18 के परिणामों को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज करवाई गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर कुछ विजेता प्रतिभागियों के प्रदर्शन में तकनीकी त्रुटियां स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसके बावजूद उन्हें शीर्ष स्थान प्रदान किया जाना कई सवाल खड़े करता है। इस संबंध में संबंधित फोटो एवं अन्य दस्तावेज भी जांच हेतु प्रशासन को सौंपे गए हैं। अधिकारियों को शिकायत देकर जांच की उठाई मांग
प्रतिभागियों एवं अभिभावकों ने जिला उपायुक्त, जिला खेल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला आयुष अधिकारी को ज्ञापन भेजकर प्रतियोगिता से संबंधित समस्त रिकॉर्ड, जजमेंट शीट, स्कोर शीट, अंक निर्धारण प्रक्रिया, अधिकारियों एवं निर्णायकों की नियुक्ति तथा परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।



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