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बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाए पिता:कुछ घंटों में दोनों ने तोड़ा दम,एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी, गांव में पसरा मातम




करनाल में इंद्री के छपरियो गांव में पिता-पुत्र की मौत हो गई। बेटे को अचानक हार्ट अटैक आया और उसने दम तोड़ दिया। पिता तक बेटे की मौत की खबर पहुंची तो वह सदमा बर्दास्त नहीं कर सका और उनकी भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। पिता-पुत्र की मौत से गांव मातम पसर गया। हर कोई परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचा। दोनों के शव गांव में लाए गए। दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। दुकान पर आया दिल का दौरा
ग्रामीणों के अनुसार, छपरियो निवासी 47 वर्षीय संकेत दहिया लाडवा में कीटनाशक दवाओं की दुकान चलाते थे। वीरवार शाम करीब 6:30 बजे वह दुकान पर पहुंचे और सामान उतरवा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए लाडवा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता को मिली खबर, बिगड़ी तबीयत
संकेत दहिया के निधन की सूचना जैसे ही गांव में उनके 70 वर्षीय पिता धर्म सिंह तक पहुंची, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि बेटे की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर पाए। उन्हें भी तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। दोनों मौतों के बीच का समय महज कुछ घंटों का ही रहा। एक साथ निकली अंतिम यात्रा
शुक्रवार को पिता धर्म सिंह और बेटे संकेत दहिया की अंतिम यात्रा एक साथ घर से निकाली गई। इस दौरान गांव में शोक का माहौल था। अंतिम संस्कार के समय संकेत के छोटे भाई विपिन ने अपने पिता और भाई दोनों को मुखाग्नि दी। इस दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिवार पर टूटा बड़ा संकट
ग्रामीण एवं संकेत के दोस्त रमन सैनी ने बताया कि संकेत की माता का पहले ही निधन हो चुका है। संकेत अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया है। उसकी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि 12 साल का बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है। पिता धर्म सिंह इंद्री में आढ़त की दुकान चलाते थे और परिवार के मुख्य सहारा थे। पूरा गांव शोक में डूबा
एक ही पल में परिवार के दो मुख्य सदस्यों के चले जाने से गांव छपरियो सहित आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई परिवार के दुख में शामिल है।



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