हिसार की बालसमंद अनाज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम है, जिससे बेमौसमी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी में पर्याप्त शेड और तिरपाल की व्यवस्था न होने के कारण खुले में पड़ी गेहूं की फसल भीग रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह मंडी 14 एकड़ में फैली हुई है। मंडी में दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि से चारदीवारी, चबूतरा, गेट, इंटरनल रोड और ऑफिस रिपेयर सहित अन्य कार्य करवाए गए हैं। हालांकि, एक भी शेड न बनने के कारण बेमौसमी बारिश में गेहूं भीग गया। मंडी पहुंचे किसान अनिल, रामचंद्र, वीरेंद्र और संदीप सहित अन्य ने बताया कि वे खून-पसीने की मेहनत से तैयार की गई फसल लेकर यहां आए हैं, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनका आरोप है कि मंडी सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन द्वारा कोई ठोस तैयारी नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जब मंडी का सीजन तय तो पहले से इंतजाम क्यों नहीं किसानों ने सवाल उठाया है कि जब हर साल मंडी सीजन तय होता है, तो पहले से शेड, तिरपाल और फसल सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए। बारिश के चलते गेहूं की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। संसाधनों के अभाव से किसानों में नाराजगी किसानों में इस बात को लेकर भी रोष है कि जहां एक ओर फसल की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न प्रक्रियाओं और नियमों को लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि राहत देने के बजाय उन्हें जटिल प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत मंडी में तिरपाल, शेड और उचित भंडारण की व्यवस्था की जाए ताकि फसल को बारिश से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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बालसमंद मंडी में 2 करोड़ खर्च, पर भीग रहा गेहूं:शेड न होने से खुले में रखी है फसल, तिरपाल और दूसरे इंतजाम भी नहीं, किसान नाराज
