Related Posts

बहादुरगढ़ में 2 माह तक बंधुआ बनाकर कराया काम:चारा काटने की मशीन में कटा हाथ, मानवाधिकार आयोग का 10 लाख मुआवजे के आदेश




हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) ने बहादुरगढ़ में बंधुआ मजदूरी के दौरान चारा काटने की मशीन में हाथ गंवाने वाले नाबालिग संतोष के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने इसे मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए हरियाणा सरकार को पीड़ित बच्चे को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि बच्चे का बायां हाथ हमेशा के लिए कट जाने से उसकी जिंदगी पर गहरा शारीरिक और मानसिक असर पड़ा है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित बच्चे को कृत्रिम हाथ (Artificial Upper Limb) उपलब्ध कराया जाना उसकी मूल आवश्यकता है। आयोग के अनुसार उच्च गुणवत्ता का कृत्रिम हाथ लगवाने पर करीब 10 लाख रुपए या उससे अधिक खर्च आएगा। इसलिए यह राशि बच्चे के बेहतर जीवन और भविष्य के लिए दी जानी चाहिए। मशीन में कटा हाथ आयोग के समक्ष आई जांच रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग संतोष को आरोपी अनिल कुमार ने करीब दो महीने तक अपने कब्जे में रखकर बंधुआ मजदूरी कराई। इस दौरान उससे चारा काटने वाली मशीन पर काम कराया गया, जहां दुर्घटना में उसका बायां हाथ कट गया। इस घटना से बच्चे को स्थायी दिव्यांगता का सामना करना पड़ा। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में चालान आयोग को दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपी अनिल कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत चालान 26 फरवरी 2026 को अदालत में पेश किया गया। बाद में पूरक जांच के बाद अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए सप्लीमेंट्री चालान भी 25 मार्च 2026 को अदालत में दाखिल किया गया। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। IPS अधिकारी को प्रशंसा पत्र आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि उसके पूर्व आदेशों के अनुपालन में आईपीएस अधिकारी नितिका गहलौत को प्रशंसा-पत्र जारी किया जा चुका है। वहीं, मामले की जांच करने वाले जीआरपी बहादुरगढ़ के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश को सम्मानित किए जाने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। आयोग ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीजीपी हरियाणा से इंस्पेक्टर को पुरस्कार देने और पीड़ित बच्चे को मुआवजा देने संबंधी अंतिम निर्णय की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें