चंडीगढ़ | तस्वीर सेक्टर-22 के सरकारी मकानों की है। ये मकान बरसों से किसी को अलॉट नहीं हुए, लेकिन किसी ने एक मकान में ठिकाना जरूर बना लिया है। बेड बिछा है, तकिया लगा है और बेड के नीचे ऑडोमस की ट्यूब भी पड़ी है, ताकि मच्छर न काटें। देखरेख के अभाव में यह मकान वीरान पड़े रहे तो जंगली पेड़-पौधों ने अपनी जड़ें जमा लीं। कई मकानों के अंदर से इलेक्ट्रिसिटी और बाथरूम-किचन की फिटिंग्स भी चोरी हो चुकी हैं। इन्वेंटरी बनाने के आदेश… चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद ने इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को ऐसे मकानों की इन्वेंटरी तैयार करने और इन मकानों के सही इस्तेमाल की प्लानिंग बनाने को कहा है।फोटो }जसविंदर सिंह हजारों कर्मचारी मकान के इंतजार में… हाउस अलॉटमेंट कमेटी के रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में करीब 4,000 से 5,000 सरकारी कर्मचारी टाइप-1 से टाइप-12 मकानों के लिए वेटिंग लिस्ट में हैं।
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बरसों से देखरेख के अभाव में सेक्टर-22 के सरकारी मकान
