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भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष मानसून के पिछले 11 वर्षों में सबसे कमजोर रहने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर, किसान क्लब फर्रुखनगर के अध्यक्ष राव मान सिंह ने किसानों से जल संरक्षण और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट और संभावित कम वर्षा को किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। डाबोदा रोड स्थित अपने फार्म हाउस पर आयोजित एक कृषि भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राव मान सिंह ने प्रशिक्षण प्रोग्राम एवं कृषि विभाग के फील्ड अधिकारियों के दल को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों को धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों से बचने की सलाह दी, जहां नहरी पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। इसके बजाय, कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने किया गोदाम और खेतों का निरीक्षण इस दौरे के दौरान, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फार्म हाउस, कृषि गोदाम और विभिन्न खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण उपायों और फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। राव मान सिंह ने अधिकारियों को बताया कि भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए किसानों को अपने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव लाना होगा। राव मान सिंह ने सरकार से भी कई मांगें कीं। उन्होंने कहा कि अधिक पानी की खपत वाली फसलों को छोड़ने वाले किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, ढैंचा और सनई जैसी हरी खाद वाली फसलों के बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएं, जिससे खेतों की उर्वरता शक्ति बढ़ेगी और मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी। जल संकट को लेकर सरकार रणनीति बनाए : मान सिंह उन्होंने जोर दिया कि सरकार को संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में दीर्घकालिक और कल्याणकारी योजनाएं बनानी चाहिए। वहीं, किसानों को भी सकारात्मक सोच के साथ परिस्थितियों के अनुरूप खेती की रणनीति तैयार करनी होगी।
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फर्रुखनगर के किसान जल संरक्षण आधारित खेती पर दें ध्यान:राव मान सिंह ने की आर्थिक सहायता देने की मांग, अधिकारियों ने लिया खेतों का जायजा







