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फर्जी GST नंबरों से करोड़ों का खेल:लुधियाना में बड़ा घोटाला पकड़ा, 20 करोड़ की रिकवरी; 12 केस दर्ज




पंजाब के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने लुधियाना में एक बड़े और संगठित GST फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर GST रजिस्ट्रेशन हासिल कर करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लिया गया और अन्य कंपनियों को भी पहुंचाया गया। विभाग अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की रिकवरी कर चुका है, जबकि मामले में 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं। लुधियाना डिवीजन की डीसीएसटी रणधीर कौर ने बताया कि विभाग ने GSTR-2A/2B में दर्ज खरीदारी के आंकड़ों की ई-वे बिल रिकॉर्ड से तुलना की। जांच के दौरान कई कंपनियों द्वारा दिखाई गई खरीद और माल की वास्तविक आवाजाही में भारी विसंगतियां मिलीं, जिससे फर्जी लेनदेन का संदेह पैदा हुआ। बिना माल सप्लाई किए जारी किए गए फर्जी बिल
जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों ने वस्तुओं या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी किए। इन बिलों के आधार पर अवैध ITC का लाभ लिया गया और आगे अन्य कंपनियों को भी पास किया गया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा। फर्जी दस्तावेजों से लिए गए GST नंबर
विभागीय जांच में यह भी पता चला कि कई GST रजिस्ट्रेशन फर्जी और छेड़छाड़ किए गए दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए थे। कुछ मामलों में जिन व्यक्तियों के नाम पर फर्में दिखाई गईं, उन्होंने विभाग को बताया कि उन्होंने कभी GST रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन ही नहीं किया और न ही किसी को अपनी पहचान का इस्तेमाल करने की अनुमति दी। फर्जी आधार और संदिग्ध बैंक खातों का इस्तेमाल
अधिकारियों के अनुसार, कई रजिस्ट्रेशन से जुड़े मोबाइल नंबर फर्जी आधार पहचान के जरिए बनाए गए थे। वहीं, रजिस्ट्रेशन के समय दिए गए बैंक खाते भी सत्यापित नहीं पाए गए और निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने फर्जी GST रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने और गलत तरीके से ITC लेने व आगे ट्रांसफर करने के आरोप में अब तक 12 एफआईआर दर्ज करवाई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी ITC का लाभ कई अन्य लाभार्थी फर्मों तक पहुंचाया गया, जिन्होंने इसका उपयोग अपनी कर देनदारियां चुकाने में किया। 20 करोड़ रुपये की रिकवरी
राज्य कर विभाग ने बताया कि अब तक फर्जीवाड़े में शामिल कंपनियों और लाभार्थियों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। यह राशि उस कर देनदारी से जुड़ी है जिसे फर्जी तरीकों से बचाने की कोशिश की गई थी। विभाग की चेतावनी
विभाग ने कहा कि कारोबार को आसान बनाने के लिए शुरू की गई “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” व्यवस्था का कुछ तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे मामलों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और GST व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।



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