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फरीदाबाद में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री और फरीदाबाद-पलवल एसआइआर कमेटी के प्रभारी करण सिंह दलाल ने दावा किया कि जिले में अब तक केवल 25 से 30 फीसदी मतदाताओं की ही मैपिंग हो सकी है। जिससे 70% वोट नकली होने का आरोप है। उन्होंने कहा कि इससे बाकी वोटों की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। भाजपा नेताओं के घरों पर चल रही प्रक्रिया फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बीएलए-2 प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे करण दलाल ने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए कहा कि एसआइआर अभियान को नियमों के अनुसार सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चलाया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि कई जगहों पर यह काम भाजपा नेताओं और पार्षदों के घरों से संचालित किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 2002 और 2024 की सूचियां उपलब्ध नहीं दलाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पार्टी के बीएलए-2 प्रतिनिधियों को अभी तक वर्ष 2002 और 2024 की मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनके अनुसार इन सूचियों के बिना सही तरीके से मिलान और सत्यापन संभव नहीं है। एक नाम कई बार रिपीट कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में नामों के दोहराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं और यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया काफी कठिन और लंबी हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआइआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और सभी राजनीतिक दलों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की।
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फरीदाबाद में SIR पर कांग्रेस पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल:दलाल का 70% वोट नकली होने का आरोप,2002 और 2024 की मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं







