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फरीदाबाद कोर्ट ने आरोपी दीपक गोयल को नहीं दी बेल:याचिका खारिज की; विदेशी नंबरों से कारोबारियों से रंगदारी मांगने का मामला




फरीदाबाद में विदेशी व्हाट्सएप नंबरों से कारोबारियों को रंगदारी की धमकियां देने के बहुचर्चित मामले में आरोपी दीपक गोयल की बेल को सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला देते हुए कहा कि पुलिस के द्वारा पेश किए गए साक्ष्य उसे साजिश का हिस्सा दर्शाते हैं। बता दें कि मई-जून के दौरान जिले के 16 कारोबारियों को विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और संदेश भेजकर खुद को गैंगस्टर रणदीप मलिक बताने वाले व्यक्ति ने रंगदारी मांगी थी। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस जांच के अनुसार, दीपक गोयल पहले एक मामले में जमानत पर बाहर आ चुका था। बाद में दर्ज दूसरे मुकदमे में उसे फिर गिरफ्तार किया गया और तभी से वह जेल में है। आईबी अधिकारियों से साजिश का दावा पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सामने आया कि दीपक गोयल ने आईबी अधिकारी सिकंदर, फरार आईबी अधिकारी संदीप राणा और सोनीपत निवासी दीपक जुलाना के साथ मिलकर साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, कारोबारियों के नाम, मोबाइल नंबर और उनके व्यवसाय से जुड़ी जानकारी गैंगस्टर तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों के बीच साझा की गई जानकारी से संबंधित एक पर्ची आईबी अधिकारी सिकंदर से बरामद हुई है, जिसे इस मामले का अहम साक्ष्य माना जा रहा है। बचाव पक्ष ने बताया झूठा मामला बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि दीपक गोयल का सिकंदर से केवल पैसों का लेनदेन था। सीसीटीवी में दिखाई गई मुलाकात भी उसी सिलसिले में हुई थी। साथ ही दावा किया गया कि प्रॉपर्टी कारोबार की प्रतिद्वंद्विता के चलते उसे झूठा फंसाया गया है। डिजिटल साक्ष्यों पर अदालत ने जताया भरोसा पुलिस ने अदालत को बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान आरोपी की भूमिका की पुष्टि करते हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की संलिप्तता मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।



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