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पेपर लीक के विरोध में करनाल में सीटू का प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई, बोले-छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करें




सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने सोमवार को करनाल में प्रदर्शन कर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीटू के जिला सचिव जगपाल राणा ने बताया कि संगठन की अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक 17 से 19 जुलाई तक रांची में आयोजित की गई थी। जिसमें देश की शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पूरी तरह विफल रही है और इसमें संरचनात्मक भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) सहित विभिन्न परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदों को तोड़ दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कारण शिक्षा का व्यवसायीकरण और केंद्रीकरण बढ़ने की बात भी कही गई। सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रस्ताव सीटू की कार्यसमिति ने जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक द्वारा जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के प्रति एकजुटता जताई है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग भी उठाई। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की गई कि देश की शिक्षा प्रणाली के वैज्ञानिक, धर्मनिरपेक्ष और संघीय स्वरूप की रक्षा के लिए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए, ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।



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