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पानीपत के चांदनीबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे एक 10 वर्षीय बच्चे को अकेला पाकर 35 वर्षीय पड़ोसी ने दबोच लिया। आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर झाड़ियों में उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वारदात का खुलासा तब हुआ जब दोपहर के समय मां ने बच्चे के खून से सने कपड़े देखे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर आरोपी पड़ोसी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। ट्यूशन से लौटते वक्त रास्ते में मासूम को बनाया हवस का शिकार पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि उसका 10 वर्षीय बेटा रोजाना की तरह गांव में ही ट्यूशन पढ़ने के लिए गया हुआ था। दोपहर के समय जब वह ट्यूशन पढ़कर वापस अपने घर लौट रहा था, तो रास्ते में वह लघुशंका (पेशाब) करने के लिए एक स्थान पर रुका। इसी दौरान वहां घात लगाए बैठा उनका 35 वर्षीय पड़ोसी राकेश अचानक वहां आ धमका। आरोपी ने मासूम बच्चे को अकेला देखकर पीछे से दबोच लिया। बच्चे ने जब विरोध करना चाहा, तो आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी देकर वहीं पास की झाड़ियों में खींच ले गया, जहां उसने मासूम के साथ कुकर्म किया। खून से सने कपड़े धोते वक्त मां के सामने आया सच, रो पड़ा बच्चा दरिंदगी को अंजाम देने के बाद आरोपी बच्चे को बदहवास हालत में छोड़कर मौके से भाग गया। डरा हुआ मासूम चुपचाप रोते हुए अपने घर पहुंचा और लोक-लाज व डर के मारे किसी को कुछ नहीं बताया। दोपहर के समय जब बच्चे की मां रोजाना की तरह कपड़े धो रही थी, तो उसने अपने बेटे के कपड़ों पर खून के गहरे साक्ष्य (खून से सने कपड़े) देखे। मां ने घबराकर जब बच्चे से इस बारे में सख्ती से पूछा, तो सहमे हुए मासूम ने डर के मारे कह दिया कि उसे खेलते वक्त कहीं चोट लग गई है। हालांकि, जब मां ने चोट दिखाने और देखने की जिद की, तो बच्चा फूट-फूटकर रोने लगा। मां के गले लगकर उसने पड़ोसी राकेश द्वारा झाड़ियों में की गई पूरी आपबीती बयां कर दी, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। चार महीने पहले भी की थी घिनौनी कोशिश, तब माफी मांगकर छूटा था आरोपी पीड़ित मां ने पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी राकेश बेहद विकृत मानसिकता का है। उसने करीब 4 महीने पहले भी उनके बेटे के साथ इसी तरह कुकर्म करने का घिनौना प्रयास किया था। उस समय बच्चे ने घर पर बताया था, जिसके बाद गांव में दोनों पक्षों की बैठक हुई थी। उस दौरान आरोपी राकेश और उसके परिवार वालों ने पैर पकड़कर अपनी गलती के लिए लिखित व मौखिक माफी मांग ली थी, जिसके कारण समाज और बदनामी के डर से परिवार ने मामला वहीं रफा-दफा कर दिया था। लेकिन आरोपी की नीयत नहीं सुधरी और उसने दोबारा मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
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