नगर विकास एवं आवास विभाग ने अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी पदाधिकारी या कर्मी अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा में भाग ले सकेगा। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभाग के अनुसार, बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति मांगने और उसकी तैयारी में लगे रहने से सरकारी कार्यों पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। इससे न केवल विभाग का कीमती समय नष्ट हो रहा था, बल्कि कार्य निष्पादन में भी गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। किन परीक्षाओं में मिलेगी अनुमति जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी केवल उसी प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे, जिसमें पद का वेतन स्तर उनके वर्तमान पद से अधिक हो। यानी समान या कम वेतन स्तर वाली नौकरियों के लिए परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एक से अधिक बार परीक्षा देने पर नियम यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेना चाहता है, तो उसे पहले अपनी सरकारी सेवा से त्यागपत्र देना होगा। इसके बाद ही वह आगे की परीक्षाओं में शामिल हो सकेगा। विभाग ने साफ किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसके लिए सक्षम प्राधिकार की मंजूरी भी प्राप्त है। यह आदेश सरकार के उप सचिव राजीव रंजन तिवारी की ओर से जारी किया गया है, जो आगे से विभागीय कर्मचारियों के लिए बाध्यकारी होगा।
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