हरियाणा के भिवानी जिले के बड़ेसरा गांव की उभरती मुक्केबाज प्रीति पवार राष्ट्रमंडल खेल-2026 में पदक से अब सिर्फ एक जीत दूर हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले गए महिला 54 किलोग्राम भार वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रीति ने मलावी की डेबोरा मतेनजे को दूसरे राउंड में रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए एकतरफा अंदाज में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पहली घंटी बजते ही प्रीति ने आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने लगातार तेज, सटीक और दमदार पंचों से प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। मलावी की मुक्केबाज प्रीति के हमलों का जवाब नहीं दे सकीं। दूसरे राउंड में मुकाबला पूरी तरह एकतरफा होता देख रेफरी ने बीच में ही बाउट रोक दी और प्रीति को विजेता घोषित कर दिया। अब अगली जीत दिलाएगी पदक क्वार्टर फाइनल में प्रीति पवार का मुकाबला नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही प्रीति का राष्ट्रमंडल खेलों में पदक लगभग पक्का हो जाएगा। ऐसे में पूरे हरियाणा और देश की निगाहें अब उनके अगले मुकाबले पर टिकी हैं। घर पर लाइव मैच देख रहा था परिवार प्रीति के पिता सोमबीर सिंह, जो हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं, मां नवीन और बहन सोनम ने मोबाइल पर लाइव मुकाबला देखा। जैसे ही जीत की पुष्टि हुई, बड़ेसरा गांव और पूरे भिवानी जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों ने प्रीति की जीत पर गर्व जताते हुए अगले मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दीं। पिता बोले- बेटी का सपना अब पदक जीतना प्रीति के पिता सोमबीर सिंह ने कहा, “बेटी ने शानदार खेल दिखाया है। हमें पूरा विश्वास है कि वह अगले मुकाबले में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतेगी।” वहीं उनके कोच विनोद राजा ने कहा, “प्रीति की सबसे बड़ी ताकत उसका आक्रामक खेल है। वह शुरुआत से ही प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बना देती है और संभलने का मौका नहीं देती। मुझे पूरा भरोसा है कि वह ग्लासगो से पदक जीतकर ही लौटेगी।”
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