![]()
जिले के थाना सदर के अंतर्गत आते सीमावर्ती गांव लाहड़ी-318 में रात के समय उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब एक अज्ञात हमलावर ने जमींदार के मकान पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी की यह सनसनीखेज वारदात तब हुई जब पीड़ित परिवार घर के भीतर बच्चों के साथ रात का खाना खा रहा था। गोलियों की आवाज सुनकर सहमे बच्चे चीखते हुए अंदर की ओर भागे, जिसके बाद परिजनों ने देखा कि मकान का कांच का शीशा टूटा हुआ है और अंदर फर्श पर चली हुई गोली का खाली खोल पड़ा हुआ है। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस वारदात से पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस व चौकियों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। फिल्हाल फॉरेंसिक टीमें पहुंच चुकी हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हमलावर कौन थे और किस नीयत से वारदात को अंजाम दिया, इसके बारे में परिवार को भी नहीं पता। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की की जा रही है।
हम खाना खा रहे थे, बच्चे चीखते हुए अंदर भागे
मामले संबंधी जानकारी देते हुए पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने बताया कि रात करीब 8 बजकर 25 मिनट पर मैं घर के अंदर खाना खा रहा था और दोनों बच्चे लॉबी में बैठे हुए थे। तभी अचानक बाहर दो बार जोरदार फायर की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही बच्चे डर के मारे चीखते हुए अंदर भागे। पहले हमें लगा कि कोई बुलेट मोटरसाइकिल से पटाखे मारकर गया है, लेकिन जब हमने बाहर आकर देखा तो घर का कांच टूटा पड़ा था और अंदर पिस्तौल की गोली का राउंड (खाली खोल) पड़ा हुआ था। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि हमलावर जिस रास्ते से आए थे, वारदात को अंजाम देकर उसी रास्ते से तुरंत फरार हो गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि गांव व इलाके में पहले कभी ऐसा खौफनाक माहौल नहीं बना। 74 साल की उम्र में कभी किसी से तू-तू मैं-मैं तक नहीं हुई परिवार के 74 वर्षीय बुजुर्ग पिता ने बताया कि उनकी पूरे इलाके में किसी के साथ कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं है। कहा कि 74 साल की उम्र हो गई है, मैंने आज तक कभी किसी के साथ तू-तू मैं-मैं तक नहीं की और न ही आज तक पुलिस में हमारी कोई रिपोर्ट गई है। रात को जब गोली चली तो बच्चे रोते हुए आए। जब हमने देखा तो शीशा टूटा हुआ था और गोली का खोल अंदर पड़ा था। हमने तुरंत प्रशासन को सूचित किया और पुलिस टीमों ने आकर जांच शुरू की। हमारी प्रशासन से यही गुहार है कि पूरी निष्पक्ष जांच की जाए और हमें बताया जाए कि हमारे साथ ऐसा क्यों किया गया। शातिर थे हमलावर, कैमरे वाली गली से बचे स्थानीय निवासियों और परिजनों के अनुसार, हमलावर क्षेत्र के रास्तों से अच्छी तरह वाकिफ थे। गांव के मुख्य चौक पर दुकानों के पास 20-25 लोग खड़े थे और आगे सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। हमलावरों ने जानबूझकर कैमरों की जद में आने वाले रास्तों को छोड़कर दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया और वारदात को अंजाम देकर निकल गए। परिजनों का अंदेशा है कि इस वारदात के पीछे किसी जानकार या क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से वाकिफ व्यक्ति का हाथ हो सकता है। एफआईआर दर्ज, जांच जारी: दलजीत सिंह मामले की पुष्टि करते हुए जांच के लिए पहुंचे सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने बताया कि कल देर शाम हमें टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि गांव लाहड़ी 318 में गोली चलने की घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले की गहनता से जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के कारणों और आरोपियों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।
Source link







