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पंजाब- शहीद लांसनायक काे बहन ने सेहरा बांधा:गीत गाकर अंतिम विदाई दी; नवंबर में शादी होनी थी, LOC के पास सिर पर चट्टान गिरी




श्री मुक्तसर साहिब में लांसनायक सुखप्रीत सिंह का शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वह जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के एलओसी से सटे सुंदरबनी क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। भूस्खलन के दौरान उनके सिर पर पत्थर लगा, जिसके बाद वह फिसलकर खाई में गिर गए। शुक्रवार दोपहर को उनका पार्थिव शरीर सबसे पहले गिद्दड़बाहा के हुसनार चौक लाया गया। यहां पहले से मौजूद सैकड़ों लोगों ने ‘अमर रहे’ के नारे लगाए। सेना की टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके बाद पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव बुट्टर बखूहा ले जाया गया। अंतिम दर्शन के लिए कनाडा से पहुंची उनकी बहन कमलप्रीत कौर हैप्पी ने अपने इकलौते भाई के पार्थिव शरीर को रोते हुए सेहरा बांधा और गीत गाकर अंमित विदाई दी। इसके बाद शहीद के चचेरे भाई फौजी मनदीप सिंह बब्बू ने उन्हें मुखाग्नि दी। परिवार के अनुसार, सुखप्रीत सिंह की नवंबर में शादी होने वाली थी, लेकिन उनके बलिदान से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। शहीद को अंतिम विदाई की PHOTOS… आधी रात भूस्खलन, ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा परिजनों के अनुसार, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे सुखप्रीत सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकी पर ड्यूटी दे रहे थे। क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच अचानक भूस्खलन हुआ और पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थरों की चपेट में आने से वो शहीद हो गए। 12वीं के बाद सेना में भर्ती, 2019 में पूरा किया सपना परिवार ने बताया कि सुखप्रीत सिंह ने 12वीं की पढ़ाई के बाद सेना में भर्ती होने का लक्ष्य रखा था। कड़ी मेहनत के बाद वर्ष 2019 में उनका चयन हुआ। प्रशिक्षण के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के जबलपुर भेजा गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने देश के विभिन्न इलाकों में सेवाएं दीं। इसी साल मार्च में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर हुई थी। नवंबर में होनी थी शादी, घर की खुशियां मातम में बदलीं करीब तीन महीने पहले ही सुखप्रीत सिंह छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए थे। परिवार ने उनकी शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। नवंबर में पास के गांव थराजवाला की युवती के साथ उनका विवाह तय था। जिस घर में कुछ महीनों बाद शहनाई बजनी थी, वहां अब उनके बलिदान के बाद मातम पसरा हुआ है। ************ ये खबर भी पढ़ें: मानसा में अग्निवीर जवान की मौत: फरीदकोट में तैनात था, 2 दिन पहले छुट्‌टी पर घर आया, सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में संस्कार
मानसा में सोमवार को सड़क हादसे में एक अग्निवीर जवान की मौत हो गई। फरीदकोट में उसकी तैनाती थी। वह 5 साल पहले भर्ती हुआ था और दो दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था। मृतक जवान की पहचान मानसा जिले के गांव मंडेरना के रहने वाले बलवीर सिंह के रूप में हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)



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