![]()
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरूआत हंगामेदार रही। के साथ हुई। पहले कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक पहले की तरह गले में काले पटके पहनकर सदन पहुंचे। उनका आरोप था कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी। इस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सदन सभी विधायकों का सम्मान करता है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यदि किसी विधायक के सम्मान को ठेस पहुंची है तो मामले की जांच होगी। शून्यकाल के दौरान अकाली MLA गनीव कौर मजीठिया ने पूछा- क्या सरकार गुरू से टक्कर लेगी, इसके जवाब में विधायक कुलदीप सिंह धालवीाल ने कहा आपके रिश्तेदारों ने अकाल तख्त को चुनौती दी। स्पीपकर ने कहा कि हमारी सरकार तो नतमस्तक होकर आई है। जानिए, सदन में कैसे बढ़ता चला गया विवाद:- अकाली MLA गनीव कौर मजीठिया: हम कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब गए थे। वहां हमने अरदास कर कहा थी कि एक्ट में संशोधन किया जाएगा। स्पीकर साहब दो दिन पहले आपने कहा था कि संगत गुरु से ऊपर है। स्पीकर कुलतार संधवा: “यह मेरा कहना नहीं, यह पंथ और गुरू साहिब का कहना है। गनीव कौर मजीठिया: संगत वह होती है जो परमात्मा का नाम लेती है। गुरबाणी का जाप करने वाली संगत होती है। विधानसभा में बैठे लोग गुरू की संगत नहीं हैं। यहां हम विधायक और मंत्री हैं। अकाल तख्त पर गुरू की संगत थी। वहां हमने कहा था कि हम संशोधन करेंगे। क्या अब हम अपने वादे से मुकर गए? श्री अकाल तख्त साहिब ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन उससे किसी ने बात नहीं की। सरकार ने डीसी साहिब को वहां भेजा। उनके साथ निज्जर साहिब भी गए थे। वहां जाकर कहा गया कि गुप्त सलाहकार से सलाह ली गई। वह सलाहकार कौन है? गुरू के आगे न कोई सलाहकार होता है और न कोई अन्य। मैं जानना चाहती हूं कि क्या सरकार गुरू से टक्कर लेगी? क्या गुरू साहिब को चुनौती देगी? आप कहते हैं कि बेअदबी करवाई गई, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?” स्पीकर कुलतार संधवा: आप अपनी पंथक जानकारी ठीक कर लें। श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की किसी की हिम्मत नहीं है। श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की शान है, महान है। आप पंथक रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी ठीक कर लें। मैं इन सभी को गुरू की संगत नहीं कहना चाहता।” AAP विधायक कुलदीप धालीवाल: श्री अकाल तख्त साहिब को आपके रिश्तेदार बादल परिवार ने चुनौती दी थी। आप हमें कुछ और कह रहे हैं। (इसके बाद सदन में हंगामा हो गया) वित्तमंत्री हरपाल चीमा: कांग्रेस ने अकाल तख्त को गिराया है। हम आदेशों का पालन कर रहे हैं। स्पीकर कुलतार संधवा: श्री अकाल तख्त साहिब को चैलेंज उस समय किया गया, जब अकाल तख्त ने पुरानी सरकार के एमएलए बुलाए थे। पार्टी ने कहा था कि हमारी तो मेंबरशिप खारिज हो गई। यहां तो सरकार वहां नतमस्तक होने गई। यह चैलेंज नहीं है। स्पीकर ने कहा कि “जिन लोगों को पंथ रत्न (फख्र-ए-कौम) का सम्मान दिया गया, उन्होंने भी श्री अकाल तख्त साहब जत्थेदार के बुलाने पर जाना जरूरी नहीं समझा। आपके ही साथी बताते हैं कि किस तरह जत्थेदारों को मजबूर कर माफी दिलवाई गई। 80 लाख रुपए के विज्ञापन दिए गए। हालत यह है कि आज एसजीपीसी के मेंबर स्कूटर पर बैठने लायक भी नहीं रहे। ऐसे में पहले अपनी पीड़ी थल्ले सोटा मार लेना यानी अपने गिरेबां में झांक लेना चाहिए।
Source link







