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पंजाब में 8 टोल प्लाजा के रेट बढ़े:लाडोवाल टोल 4 महीने में दूसरी बार महंगा, सिंगल जर्नी में ₹60 तक बढ़ोतरी; मंथली पास भी महंगा




पंजाब में NHAI ने 8 टोल प्लाजा के रेट बढ़ा दिए हैं। लुधियाना के सबसे महंगे टोल प्लाजा में शुमार लाडोवाल टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों को अब और चार्ज देना होगा। लगभग 4 महीने के भीतर यह बढोतरी हुई है। एक बार फिर टोल की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस फैसले के बाद लाडोवाल टोल प्लाजा पर अब कार ड्राइवर्स को 225 की जगह 235 रुपए देने होंगे। इसी तरह सभी वाहनों के रेट बढ़ाए गए हैं। एक अप्रैल 2026 को कार-जीप के टोल रेट में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई थी और अब फिर 10 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। सिंगल जर्नी के लिए अलग-अलग श्रेणियों में 10 रुपए से लेकर 60 रुपए तक की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लाडोवाल के अलावा कालाझर, लहराबेगा, कोट करोर, घुलाल, काला टिब्बा, खुइयां सरवर, शेखपुरा और पैंद टोल प्लाजा पर भी कारों के टोल में 5 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। बसों, ट्रकों और अन्य कमर्शियल वाहनों की दरें भी संशोधित हुई हैं। पंजाब के इन 8 टोल प्लाजा पर रेट बढ़े… किस वाहन के लिए कितनी जेब होगी ढीली, जानिए … मंथली पास भी महंगा हुआ इस बढ़ोतरी का सबसे गंभीर असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना काम के सिलसिले में इस मार्ग से गुजरते हैं। आम वाहन चालकों के लिए मासिक पास (मंथली पास) की कीमत में भारी उछाल आया है और यह बढ़कर अब 7,815 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इतनी बड़ी राशि हर महीने सिर्फ टोल के रूप में देना आम नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों के बजट के बाहर की बात होती जा रही है। स्थानीय निवासियों-लोकल कमर्शियल वाहनों को राहत इस चौतरफा बढ़ोतरी के बीच राहत की बात केवल इतनी है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए मासिक पास की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों के लिए यह पास 360 रुपए पर ही स्थिर रखा गया है। इसके अलावा, लुधियाना में रजिस्टर्ड कमर्शियल वाहनों के लिए भी थोड़ी सहूलियत देते हुए टोल दरों का दायरा 115 रुपए से 755 रुपए के बीच सीमित रखा गया है। बढ़ोतरी की वजह क्या है? पंजाब-हरियाणा के कुल 50 से अधिक टोल प्लाजा पर संशोधित दरों को बढ़ाया गया है। टोल शुल्कों में इस मामूली बढ़ोतरी की आवश्यकता तब पड़ी जब NHAI ने अपने टोलिंग फ्रेमवर्क को अपडेट किया और यूजर फीस की गणना के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित 1.641 के लिंकिंग फैक्टर को बहाल किया।



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