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पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस द्वारा चलाए गए गैंगस्टरां ते वार अभियान के तहत 200 दिन पूरे हो गए। इस अभियान से संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1.9 लाख छापेमारियां कीं, 1,532 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 58,212 से अधिक अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। भारी मात्रा में अवैध हथियार और नशीले पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया गैंगस्टरां ते वार एक खुफिया सूचना आधारित अभियान है। जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जांच तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।
गैंगस्टरां ते वार अभियान सिर्फ गिरफ्तारी तक नहीं, संगठित अपराध के नेटवर्क का पर्दाफाश करना जरूरी इस अवसर पर डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, गैंगस्टरां ते वार के पहले 200 दिनों ने निरंतर और खुफिया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे। इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों को गिरफ़्तार किया गया। वहीं 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी और 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे। वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया। जिनमें से 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी और 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी और 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं। गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, नशीले पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा। इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया। अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए। जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।
अभियान के तहत संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई हुई तेज डीजीपी ने बताया कि साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी और 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं गई। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद और 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया। जिससे संगठित अपराध और नशीले पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।
विदेशों में छिपे बैठे गैंगस्टरों को भी भारत लेकर आई एजीटीएफ की टीम इस पर एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। अभियान को पड़ोसी राज्यों और केंद्रीय जांच एवं खुफिया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली। एडीजीपी ने बताया कि अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से और गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है। एडीजीपी ने बताया गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें और 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गई। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। गैंगस्टरों की सूचना देने के लिए टिपलाइन नंबर जारी, गुप्त रखी जाएगी खबर देने वाले की पहचान इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एजीटीएफ ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है। जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी। जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है। जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध खुफिया-आधारित अभियानों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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