पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम बदला हुआ है। बारिश और कई जगहों पर ओले गिरने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 8.2 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, 14 जून से एक बार फिर गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है। यह स्थिति 19 जून तक बनी रह सकती है। हालांकि इस दौरान लोगों को लू से राहत मिलेगी। बारिश की गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होंगी, लेकिन यह केवल छिटपुट इलाकों तक सीमित रहने की संभावना है। आज फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आगे बढ़ने के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी। जिससे कई जगह केवल बादल छाए रह सकते हैं, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। गर्मी कम होने से बिजली की खपत कम हुई है। 13 जून को बिजली की डिमांड 11 हजार 498 मेगावाट बनी रही। इस दौरान पंजाब ने 4200 मेगावाट बिजली पैदा की, जबकि 7400 मेगावाट बिजली सेंट्रल पूल से ली। जून में सामान्य से अधिक बारिश 1 से 13 जून के दौरान राज्य में औसत बाारिश 18.2 मिमी रही, जो सामान्य 14.1 मिमी की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक बाारिश लुधियाना में 60 मिमी, फरीदकोट में 40 मिमी रिकॉर्ड की गई। एसबीएस नगर 69.1 मिमी साथ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा। जबकि तरनतारन में सामान्य से 241 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जो ‘लार्ज एक्सेस’ श्रेणी में आती है। हालांकि, राज्य में बारिश का वितरण असमान रहा। अमृतसर, फिरोजपुर, लुधियाना और गुरदासपुर जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई। अब तापमान फिर से बढ़ेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि अगले पांच दिनों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान और पश्चिमी राजस्थान के आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल, गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौमस…
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