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नूंह जिले के अड़बर गांव में 4 से 6 अप्रैल तक चले इस्लामिक तबलीगी जलसे के समापन के बाद रविवार सुबह स्थिति बेकाबू हो गई। दुआ समाप्त होते ही लाखों की संख्या में लोग एक साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए, जिससे पूरे जिले की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। आयोजकों के अनुसार, जलसे में देश-विदेश से करीब 10 लाख लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में हजरत मौलाना मुहम्मद साद ने दिनी तकरीर की थी। ग्रामीण रास्तों पर भी लगी वाहनों की कतार सुबह करीब 9 बजे से ही जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी जाम लग गया। NH-248 दिल्ली-अलवर रोड, नूंह-तावडू रोड, नूंह-होडल रोड, नूंह-हथीन रोड और नूंह-पलवल रोड सहित शहर की अंदरूनी सड़कों और ग्रामीण रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई लोगों ने बीच रास्ते छोड़ी गाड़ियां जाम के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई वाहन ड्राइवरों को अपनी गाड़ियों को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने गाड़ियां बीच रास्ते में ही छोड़ दी और पैदल निकलना बेहतर समझा। लोग खेतों और कच्चे रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह नजारा पूरे इलाके में आम हो गया, जो व्यापक अव्यवस्था को दर्शाता है। टेलीकॉम सेवाओं पर पड़ा दबाव इसी बीच, मोबाइल नेटवर्क भी पूरी तरह बाधित हो गया। लाखों लोगों की एक साथ मौजूदगी के कारण टेलीकॉम सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं लगभग ठप हो गईं। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार हालात को संभालने में जुटी रही, लेकिन भीड़ के भारी दबाव के चलते व्यवस्थाएं अपर्याप्त साबित हुई। लोगों को उठानी पड़ी परेशानी स्थानीय लोगों ने बड़े आयोजन के बाद बेहतर ट्रैफिक और संचार प्रबंधन की कमी को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया। खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें अब भी जारी थीं, जिससे लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती नजर आई।
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नूंह में इस्लामिक तबलीगी जलसे से लगा जाम:सड़कों पर थमे वाहन, खेतों के रास्ते निकले लोग; मोबाइल नेटवर्क ठप







