हरियाणा के नारनौल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण कार्य से जुड़े वाहनों के ड्राइवर आज गुरुवार को सुबह हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। हड़ताल के कारण शहर के कई क्षेत्रों में घरों से कूड़ा नहीं उठ पाया, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि तीन महीने पहले क्लासिक मैन पावर कंपनी ने नारनौल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका संभाला था। कंपनी के कार्य का शुभारंभ स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव तथा नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी ने किया था। उठने लगे सवाल नई कंपनी के आने से लोगों को उम्मीद थी कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से अब व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हो गया आर्थिक संकट कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तीन माह से वेतन लंबित होने के कारण आर्थिक संकट गहरा गया है। कई कर्मचारियों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि कई बार कंपनी प्रबंधन को वेतन भुगतान के लिए अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। 50 ड्राइवर लगे काम पर जानकारी के अनुसार शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए करीब 31 टेंपो, पांच ट्रैक्टर, दो लोडर और लगभग 50 चालक व अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताल के चलते इनमें से अधिकांश वाहन नहीं चल सके। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण कई पेट्रोल पंपों ने वाहनों में ईंधन देने से भी इनकार कर दिया है। शहर से नहीं उठा कूड़ा हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न वार्डों में कूड़ा संग्रहण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। कई स्थानों पर लोगों को घरों में ही कूड़ा जमा रखना पड़ा, जबकि कुछ क्षेत्रों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा पड़ा दिखाई दिया।
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