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नाथूसरी में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट विवादों में:किसानों ने सिरसा डीसी को सौंपा शिकायती पत्र; ठेकेदार और कर्मचारियों पर घोटाले का आरोप




सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सेमग्रस्त गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए ट्यूबवेलों के बंद होने पर किसानों ने जांच की मांग की है। किसानों ने सिरसा के डीसी शांतनु शर्मा और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि इस परियोजना में घोटाला हुआ है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। किसान नेता प्रकाश मेमरा, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, मुकेश कुमार बैनीवाल, बलराम सहारण, दीवान सहारण, कृष्ण पुनियां, रोहताश कुमार और संदीप कुमार ने डीसी को बताया कि शक्करमंदोरी गांव में एक महापंचायत बुलाई गई थी। इस महापंचायत का मुख्य मुद्दा सेमग्रस्त क्षेत्र में बंद पड़े ट्यूबवेल थे। किसानों ने लगाया घोटाले का आरोप किसानों का आरोप है कि ट्यूबवेल लगाते समय ठेकेदार और सहायक भूमि संरक्षण विभाग के कर्मचारियों ने बड़ा घोटाला किया है। महापंचायत में सहायक भूमि संरक्षण विभाग सिरसा के भ्रष्ट कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई गई। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगाए गए सभी ट्यूबवेल बंद पड़े हैं, जबकि मानसून का सीजन सिर पर है। उन्होंने कहा कि वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए का बजट खर्च हुआ है और इसकी गहनता से जांच करवाई जानी चाहिए। कमेटी में इन लोगों को किया शामिल इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें क्षेत्र के सरपंच, किसान और गणमान्य व्यक्तियों को शामिल किया गया है। इस कमेटी में चाहरवाला गांव से मुकेश बैनीवाल, जगतपाल; शक्करमंदोरी से बलराम और दीवान सहारण; शाहपुरिया से रोहताश पुनिया और सरपंच राजकुमार, देवीलाल को शामिल किया है। वहीं तरकांवाली से सरपंच सुनील कुमार; नाथूसरी कलां से सरपंच रीटा कासनियां; समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, संदीप कासनियां; दड़बा कलां मानक दिवान से कालूराम, देवतराम तरड, राममुर्ति, पृथ्वी रोज; गुडिया खेड़ा से हरी सिंह और रूपाना खुर्द से सरपंच प्रतिनिधि सुभाष बैनीवाल, कुलदीप व रामस्वरूप शामिल हैं।



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