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रोहतक में भालौठ सब ब्रांच नहर की तली पक्की करने के विरोध में आसपास के गांवों से ग्रामीण लामबंद हो गए है। ग्रामीणों ने भविष्य में पीने के पानी की होने वाली किल्लत को देखते प्रशासन से नहर की तली को कच्चा रखने की मांग की । साथ ही चेतावनी दी कि अगर नहर की तली पक्की की गई तो वह बड़ा आंदोलन करने पर विवश हो जाएंगे। मायना गांव के सरपंच परवीन ने बताया कि सरकार पीछे से भालौठ सब ब्रांच की तली को आरसीसी से पक्की कर रही थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। अब इधर झज्जर सब ब्रांच की तली को पक्की करने के विरोध में भी ग्रामीण एकजुट हो गए। नहर की तली को पक्की करने के विरोध में काम को रोकने की मांग की गई है। नहरों के नजदीक नलकों पर निर्भर ग्रामीण
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि नहर से पहले ही पीने का पानी कम होता जा रहा है, जिसके कारण आसपास की ज्यादातर आबादी नहरों के नजदीक नलकों के पानी पर निर्भर है। नहर के पक्का होने से भू जल स्तर बहुत नीचे चला जाएगा और पानी का संकट खड़ा हो जाएगा, इसलिए भूमिगत जल को बचाने की जरूरत है। इन गांवों के ग्रामीण हुए एकजुट
भालौठ सब ब्रांच को पक्का करने के खिलाफ गांव मायना, शिमली, करोंथा, डीघल, धांधलॉन, काहनी, भालौठ, रिठाल सहित अन्य गांवों के ग्रामीण एकजुट हो गए है। सभी ग्रामीण मिलकर नहर की तली पक्की करने का विरोध कर रहे हैं, ताकि नहर किनारे लगे ट्यूबवैल व नल को बचाया जा सके।
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नहर पक्की करने के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण:रोहतक में चल रहा धरना, बोले-भूमिगत जल का खड़ा हो जाएगा संकट







