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हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर रविवार को नरवाना डिवीजन में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लंबित मांगों और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में आयोजित किया गया था। यूनिट प्रधान राजबीर ढिल्लो, विक्रम संधु और दीपक नैन ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की अध्यक्षता की, जबकि कर्मवीर कापड़ो और कपिल ने मंच संचालन किया। वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बिजली क्षेत्र में कर्मचारी और उपभोक्ता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। स्मार्ट मीटर योजना, बिजली वितरण निगमों के पुनर्गठन, निजी कंपनियों को पावर लाइसेंस जारी करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों की लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में भारी रोष है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने संकल्प लिया कि जब तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं ने बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की एकजुटता को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को प्रस्तावित हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया। प्रदर्शन में ये पदाधिकारी हुए शामिल इस प्रदर्शन में किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया। सभा को किसान यूनियन के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर सिंह, सीटू जिला प्रधान सतबीर खरल, राज्य प्रधान सुरेश राठी, राज्य कमेटी सदस्य कृष्ण नैन, एक्सईएन जोगिंदर, एसडीओ दीपक, एसडीओ महेंद्र, संजीव, धर्मवीर, महावीर माथुर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के मास्टर बलजीत सिंह व होशियार सिंह, नगर परिषद प्रधान बंटी बेदी, जनस्वास्थ्य विभाग के प्रधान संजय शर्मा, पीडब्ल्यूडी विभाग की प्रधान संतोष तथा डीवाईएफआई के राज्य प्रधान नरेश दनौदा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
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