हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम चुनाव का प्रचार शुरू हो गया है। चुनाव के दौरान मुख्य तौर पर कांग्रेस-BJP के बीच ही मुकाबला बनता दिख रहा है। दोनों ही दलों के लोग पंचकूला शहर के विकास के खूब वायदे और दावे कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ऐप ने पंचकूला के वार्ड 1, 2 व 3 में जाकर लोगों से माहौल व उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया। तीनों ही वार्ड में पिछले बार BJP के पार्षद चुने गए थे। जिनमें से एक पूर्व पार्षद नरेंद्र लुबाना की पत्नी को वार्ड एक से फिर मौका गया है तो दूसरे सुरेश वर्मा को वार्ड बदलकर 2 से 3 में भेजा गया है। वार्ड एक में जट्ट सिख व पंजाबी वोटर निर्णायक पंजाब-वैश्य मतदाता की बहुलता वाला वार्ड-2 वैश्य बिरादरी का वार्ड-3 में दबदबा: पंचकूला शहर के वार्ड-3 में एक ही परिवार का पार्षद 4 बार से बनता आ रहा था। BJP ने इस बार टिकट काटकर पिछले बार वार्ड 2 से पार्षद रहे सुरेश वर्मा को यहां से प्रत्याशी बना दिया। जिसके चलते BJP से बागी होकर ऋतु गोयल ने नामांकन कर दिया था लेकिन बाद में पार्टी ने मना लिया और नामांकन वापस करवा दिया। वैश्य समुदाय के दबदबे वाले इस वार्ड में कांग्रेस ने वैश्य कैंडिडेट रजनीश सिंगला को उम्मीदवार बनाकर जातीय समीकरण साधने का प्रयास किया है। वार्ड में 4857 महिला तथा 4645 पुरूष मतदाता हैं।
कम्यूनिटी सेंटर बड़ा मुद्दा : वार्ड 7 में कम्यूनिटी सेंटर के भवन की रखरखाव के अभाव में हालत खस्ता हो चुकी है। सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को दूसरे सेक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है। सेक्टर के साथ गंदा नाला इलाके में बीमारी और दुर्गंध का केंद्र बना हुआ है। वहीं सेक्टर-8 में कोई कम्यूनिटी सेंटर नहीं होने के कारण लोग दूसरे सेक्टरों में जाते हैं। सेक्टर की मार्केट में रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा है, लोग मार्केट में नहीं घूम सकते।
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नगर निगम चुनाव- पिछली बार जीते थे जहां BJP पार्षद:कई वार्डों में प्रत्याशी चयन से बिगड़े समीकरण, सफाई-सड़क और कम्यूनिटी सेंटर बड़े मुद्दे







