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दोरांगला-गुरदासपुर रोड खराब, संगठनों का अल्टीमेटम:एक हफ्ते में मरम्मत नहीं तो बड़ा आंदोलन, बाढ़ के बाद से बदहाल हैं सड़कें, एक जान जा चुकी




गुरदासपुर में दोरांगला-गुरदासपुर मार्ग सहित क्षेत्र की अन्य प्रमुख सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और लगातार हो रहे जानलेवा सड़क हादसों को लेकर क्षेत्र के विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों ने पंजाब सरकार व प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त किसान व मजदूर संगठनों ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र जन-आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। संगठनों के प्रमुख नेताओं ने बताया कि पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के कारण दोरांगला-गुरदासपुर मार्ग के किनारे बुरी तरह टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कों के गहरे गड्ढों और संकरे किनारों की वजह से आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इन हादसों में अब तक एक व्यक्ति अपनी जान गंवा चुका है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन मौन साधे बैठा है। सरकार के विकास के दावों की खुली पोल क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन (पंजाब) के प्रदेश अध्यक्ष संजीव मिंटू, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता प्रभजिंदर सिंह, बीकेयू (डकौंदा) के नेता गुरविंदर सिंह, कीर्ति किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह और प्रदेश नेता विमल कौर ने संयुक्त रूप से कहा कि एक तरफ सरकार राज्य में विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर दोरांगला-गुरदासपुर, डेरा बाबा नानक रोड, दोरांगला-गहलारी और बहरामपुर-दीनानगर रोड जैसे मुख्य मार्गों की बदहाली सरकार के दावों की पोल खोल रही है। ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का मुख्य मार्ग, 100 से ज्यादा गांव प्रभावित नेताओं ने ध्यान दिलाया कि दोरांगला-गहलारी रोड पर ही प्रसिद्ध ऐतिहासिक गुरुद्वारा टाहली साहिब स्थित है, जहाँ रोजाना हजारों श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुँचते हैं। इसके अलावा इन सड़कों से प्रतिदिन 100 से भी अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। सरकार की इस लगातार अनदेखी से आम जनता की जान हर समय जोखिम में बनी रहती है। किसान-मजदूर नेताओं ने एकसुर में स्पष्ट किया कि यदि एक हफ्ते के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो समूचे क्षेत्र के लोगों को एकजुट कर चक्का जाम और तीखा संघर्ष किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



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