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रतिया क्षेत्र के गांव नंगल में दुकान के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद उस समय मातम में बदल गया, जब एक 46 वर्षीय दुकानदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सतपाल सिंह के रूप में हुई है, जो गांव में ही किराने की दुकान चलाता था। परिजनों का आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धक्का-मुक्की किए जाने के कारण सतपाल की तबीयत बिगड़ी, जो अंततः जानलेवा साबित हुई। मृतक के भाई सुखदेव ने बताया कि सतपाल ने करीब 15 साल पहले 45 हजार रुपये में दुकान के लिए खाली जगह खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर गांव के ही ओमप्रकाश के साथ कोर्ट में लंबे समय से मामला चल रहा था। सुखदेव का आरोप है कि हाल ही में ओमप्रकाश ने दावा किया कि कोर्ट का फैसला उसके पक्ष में आया है, लेकिन जब सतपाल ने कानूनी दस्तावेज मांगे, तो वह टालमटोल करने लगा और जबरन दुकान खाली करने का दबाव बनाने लगा। धमकाने और धक्का-मुक्की का आरोप परिजनों के अनुसार, बुधवार देर शाम ओमप्रकाश ने दुकान पर आकर सतपाल के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की। इस घटना से सतपाल गहरे मानसिक तनाव में आ गए। विवाद यहीं नहीं थमा, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जब सतपाल दुकान की सफाई कर रहे थे, तब आरोपी पक्ष ने दोबारा वहां पहुंचकर उन्हें धमकाया। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम लगातार मिल रही धमकियों और तनाव के कारण सतपाल की हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत रतिया के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए फतेहाबाद और फिर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार का एकमात्र सहारा थे सतपाल सतपाल सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके तीन अविवाहित बच्चों और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुखदेव ने बताया कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले भी कई बार गांव में पंचायतें बुलाई गई थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। पुलिस कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत देकर ओमप्रकाश और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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दुकान खाली कराने के विवाद में दुकानदार की मौत:फतेहाबाद में बाद घटना, कोर्ट फैसले का हवाला देकर दबाव बनाने का आरोप







