कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा थाना में कैंसर पीड़ित युवक के साथ कुकर्म मामले में मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार लंबा हो सकता है। पीड़ित और आरोपी पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट आने में 7 दिन या उससे अधिक का समय लग सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आगे की कार्रवाई करेगी। उधर, सूत्रों के मुताबिक, SIT ने जांच के दौरान पीड़ित युवक का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है। मोबाइल फोन की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। मोबाइल से कई जरूरी जानकारियां मिली हैं। इसके अलावा साइबर टीम भी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कैंसर संबंधी रिपोर्ट नहीं करवाई उपलब्ध सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अब तक पीड़ित की ओर से पुलिस को कैंसर संबंधी कोई मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में SIT अपने स्तर पर यह जांच कर रही है कि युवक को कैंसर है या वह किसी अन्य बीमारी से पीड़ित है। इसके लिए संबंधित अस्पतालों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पीड़ित का सीसीटीवी आया सामने 18 जून को थाने में हुई घटना के बाद पीड़ित हॉस्पिटल की गैलरी में घूमता नजर आ रहा है। उसके हाथ में कुछ पर्चे भी हैं। हॉस्पिटल स्टॉफ के साथ पीड़ित नॉर्मल घूमता भी दिखाई दे रहा है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद पीड़ित के हाथ में पट्टी बंधी थी। युवक के हाथ मिला फ्रैक्चर चेकअप के बाद डॉक्टरों ने भी माना था कि युवक को ब्लीडिंग हुई और एक फ्रैक्चर मिला। इसके बाद उसे भर्ती किया गया। मामले के बाद SIT ने पीड़ित का वीडियोग्राफी के साथ री-मेडिकल और पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाया। मारपीट कर गलत काम किया पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि वो 17 जून को इंद्री नाके पर होमगार्ड ने उसकी बाइक रुकवा ली थी। इसके बाद मोबाइल छीनकर लाड़वा थाने ले आए। जहां ASI संजीव कुमार व राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित ने उसके साथ मारपीट कर गलत काम किया। ब्लीडिंग हुई तो अस्पताल पहुंचा पीड़ित ने आगे कहा था कि पुलिसकर्मी ने उसकी टांगें लड़कियों जैसी बताई थी। इसके बाद जहां उसके पैर पर कैंसर है, उस जगह रो जूते से रगड़ा था। बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ दिया। अगले दिन नहाने के दौरान उसे ब्लीडिंग हुई तो वो लाड़वा सीएचसी पहुंचा, जहां से डॉक्टरों ने LNJP रेफर कर दिया। आरोपी पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो SP चंद्रमोहन ने एएसआई संजीव कुमार व राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही पीड़ित के साथ मारपीट के आरोप में ASI और होमगार्ड सुमित के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया। हर चीज को ध्यान में रखकर होगी कार्रवाई- DSP DSP निर्मल सिंह ने कहा कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। टीम किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों का मिलान करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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