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ट्रम्प ने आर्मी के बाद नौसेना चीफ को बर्खास्त किया:ईरान जंग के बीच परमाणु विभाग के साइंटिस्ट भी सस्पेंड, हनी ट्रैप में फंसे थे




अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज को हटाया था। अब नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही परमाणु विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंस गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका, ईरान के साथ जंग में उलझा हुआ है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना एक्टिव है। रक्षा मंत्री से तालमेल नहीं बना सके
पेंटागन की तरफ से छोटा सा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई, लेकिन हटाए जाने की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। खासकर नौसेना के जहाज निर्माण कार्यक्रम, काम करने के तरीके और नेतृत्व को लेकर उनके और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। दरअसल, अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाज तेजी से बनाना चाहता है। इसके लिए बड़े स्तर पर शिपबिल्डिंग सुधार शुरू किए गए थे, जैसे
नए जहाजों के डिजाइन को तेज करना, निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और प्राइवेट शिपयार्ड के साथ तालमेल बेहतर करना। इन योजनाओं में कई दिक्कतें आ रही थीं। जहाजों के बनने में देरी हो रही थी, कई प्रोजेक्ट तय समय से काफी पीछे चल रहे थे। लागत भी लगातार बढ़ रही थी, यानी बजट से ज्यादा खर्च हो रहा था। हेगसेथ का मानना था कि जरूरी सैन्य सुधारों को लागू करने में फेलन काफी धीमे हैं। ट्रम्प से सीधे संपर्क करने से भी नाराजगी बढ़ी
वहीं, फेलन का सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क करना भी विवाद की वजह बना। दरअसल फेलन सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर रहे थे, जबकि आम तौर पर ऐसा नहीं किया जाता। अमेरिकी सेना में एक तय कमांड चेन होती है। यानी फैसले और जानकारी नीचे से ऊपर एक तय क्रम में जाती है। जैसे नौसेना के अधिकारी पहले अपने सीनियर को रिपोर्ट करते हैं, फिर रक्षा मंत्रालय के जरिए बात राष्ट्रपति तक पहुंचती है। लेकिन आरोप था कि फेलन ने इस तय व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति से बात की या अपने मुद्दे रखे। इससे हेगसेथ नाराज हो गए थे। रैंडी जॉर्ज- समय से एक साल पहले जबरन निकाले गए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को 2 अप्रैल को हटा दिया गया। रैंडी का पद साल 2027 में समाप्त होने वाला था। उनके जाने के बाद वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। ला नेव पहले हेगसेथ के सहायक रह चुके हैं। इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं दी गई है। पेंटागन ने सिर्फ इतना कहा कि वह रिटायर हो रहे हैं और उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, जो संकेत मिलते हैं, उनसे लगता है कि यह फैसला व्यक्तिगत गलती की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे बदलाव का हिस्सा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने पद संभालने के बाद कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटा या बदल चुके हैं। यानी सेना के टॉप लेवल पर नई टीम बनाई जा रही है। एक और बात यह है कि रैंडी जॉर्ज को पिछली सरकार के समय नियुक्त किया गया था। नई सरकार अक्सर अपने भरोसे के लोगों को लाना चाहती है, इसलिए पुराने अधिकारियों को हटाया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ के पद के लिए नामित किया था और 2023 में सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। एंड्रयू हग का वीडियो वायरल, हटाए गए
इसी बीच परमाणु विभाग से जुड़े अधिकारी एंड्रयू हग का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर हाल ही में उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे एक रेस्टोरेंट में एक महिला को संवेदनशील जानकारी दे रहे थे।
वीडियो में अमेरिका के न्यूक्लियर और केमिकल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जिक्र होने का दावा किया गया है। यह भी दावा किया गया कि अमेरिका के पास अभी भी नर्व एजेंट मौजूद हैं और एक अमेरिकी आर्मी केमिस्ट की मौत इनके संपर्क में आने से हुई। एंड्रयू हग का वायरल वीडियो…
साथ ही ईरान को लेकर अमेरिकी योजनाओं का भी जिक्र बताया गया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हग ‘चीफ ऑफ केमिकल न्यूक्लियर श्योरिटी’ थे और न्यूक्लियर व केमिकल सेफ्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
वीडियो सामने आने के बाद उन्हें जांच पूरी होने तक प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके अलावा जनरल डेविड होडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है।



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