एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला की टीम ने शुक्रवार को फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र के गांवों में अमृत सरोवर योजना के तहत बने तालाबों का औचक निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व कार्यकारी अभियंता जय सिंह कर रहे थे। टीम ने खनोरा, जमालपुर, अकावाली और धारसुल गांवों में बने तालाबों का मुआयना किया। उन्होंने पंचायती राज कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिया। जांच दल ने बताया कि कुछ और दस्तावेजों के लिए वे दोबारा आएंगे। दरअसल, टोहाना निवासी मनीष मेहता ने एसीबी पंचकूला के डीजीपी को एक शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि करोड़ों की लागत से बने इन तालाबों की खुदाई आवश्यकता से अधिक की गई है। इसके अलावा, उचित रखरखाव के अभाव में ये तालाब पशुओं के लिए भी अनुपयोगी हो गए हैं। रिकॉर्ड की जांच के बाद होगी कार्रवाई : कार्यकारी अभियंता कार्यकारी अभियंता जय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मौके का मुआयना किया गया है। डीजीपी विजिलेंस को भेजी गई शिकायत में तालाबों के रखरखाव की कमी और अत्यधिक खुदाई का मुद्दा उठाया गया था। टीम ने पंचायत कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि योजना में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद की जाएगी।
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टोहाना में एसीबी ने की अमृत सरोवर तालाबों की जांच:कई गांवों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया, रखरखाव न होने की शिकायत पर कार्रवाई
