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जालंधर वेस्ट में लोगों का प्रदर्शन:वार्ड 55 के भड़के निवासियों ने सड़क किया जाम, बोलें- गंदे पानी से जीवन बेहाल




जालंधर वेस्ट के वार्ड नंबर 55 में पिछले दो साल से सीवरेज और गंदगी की गंभीर समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने भारी रोष प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क को पूरी तरह बंद कर चक्का जाम कर दिया और दरी बिछाकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके की सीवरेज पाइपलाइनें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिससे गलियों में गंदा पानी भरा हुआ है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय पार्षद पर सुनवाई न करने और बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगाते हुए लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है। बदहाल सीवरेज व्यवस्था से नारकीय बना जीवन । स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले दो साल से पूरे इलाके में सीवरेज की भयानक समस्या बनी हुई है। गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा होने के कारण चारों तरफ बदबू फैली हुई है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि रिश्तेदारों ने भी इस इलाके में आना-जाना बंद कर दिया है। बच्चे हो रहे बीमार, रात को जाना पड़ रहा अस्पताल प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गलियों में जमा गंदे पानी के कारण बच्चे और बुजुर्ग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। घरों में बीमारियां फैल रही हैं। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि सीवरेज के दूषित माहौल के कारण उनके बच्चे की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उसे रात के तीन बजे अस्पताल ले जाना पड़ा। गंदगी के कारण लोग अपने काम-धंधों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। 40 साल पुरानी पाइपलाइनें बदलने की मांग स्थानीय युवाओं और पुरुषों का कहना है कि इस वॉर्ड में डाली गई सीवरेज की पाइपलाइनें करीब 40 साल पुरानी हैं, जो अब पूरी तरह से गल चुकी हैं। जब तक इन पुरानी पाइपों को निकालकर नई पाइपलाइन नहीं डाली जाती, तब तक इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हो सकता। लोगों ने कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पाइप बदलने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पार्षद पर बदसलूकी के आरोप प्रदर्शनकारियों का सीधा गुस्सा स्थानीय पार्षद पर फूटा। लोगों का आरोप है कि वे पिछले कई महीनों से पार्षद के आगे हाथ जोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आरोप यह भी है कि जब लोग अपनी फरियाद लेकर गए, तो उनके साथ, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बदसलूकी की गई। लोगों ने दावा किया कि पार्षद ने काम कराने से साफ मना कर दिया और यहां तक कह दिया कि उन्होंने पैसे देकर वोट खरीदे हैं। इस बातचीत के वीडियो प्रूफ भी लोगों के पास होने का दावा किया गया है। सड़क पर दरी बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी पार्षद और प्रशासन के इस अड़ियल रवैये से तंग आकर आखिरकार सुबह से ही पूरे महल्ले के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच दरी बिछा दी और धरने पर बैठ गए। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का साफ कहना है कि जब तक उनकी सीवरेज की समस्या का पक्का समाधान नहीं होता और नई पाइपलाइनें नहीं डाली जातीं, वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।



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