spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार




जालंधर के आबादपुरा की रहने वाली एक मां ने अपनी बेटी अंकिता की ओमान में हुई संदिग्ध मौत के लिए एक ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि एजेंट ने उसे धोखे से विदेश भेजा, जहां उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया गया। 24 अप्रैल को अंकिता की मौत की खबर मिलने के बाद आरोपी एजेंट दफ्तर बंद कर फरार है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी के शव को वापस लाने की मांग की है। सुनहरे भविष्य का झांसा देकर बुना मौत का जाल आबादपुरा की निवासी मोनिका ने अपनी बेटी अंकिता के बेहतर भविष्य के लिए एक विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण सिंह से संपर्क किया था। अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के मालिक जसकरण ने भरोसा दिलाया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस झांसे में आकर परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट सौंप दिए, जिसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता को दिल्ली से ओमान भेज दिया गया। फोन पर रो-रोकर सुनाती थी प्रताड़ना ओमान पहुंचने के कुछ समय बाद ही अंकिता के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। वह 22 अप्रैल तक अपनी मां के संपर्क में रही। फोन पर वह अकसर रोते हुए बताती थी कि वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है और उसे बुरी तरह पीटा जाता है। मां ने जब एजेंट जसकरण से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई, तो वह हर बार झूठे दिलासे देकर उन्हें टालता रहा। 24 अप्रैल को आई मौत की खबर अंकिता का संपर्क 22 अप्रैल के बाद अचानक टूट गया। इसके बाद ओमान में काम करने वाली एक अन्य महिला ने फोन कर परिवार को झकझोर देने वाली खबर दी। उसने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को अंकिता की मौत हो गई है। उस महिला ने भी पुष्टि की कि अंकिता को भारी शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। जैसे ही अंकिता की मौत की खबर फैली, आरोपी एजेंट जसकरण अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग बेटी को खो चुकी लाचार मां ने अब पुलिस कमिश्नर के पास इंसाफ की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि एजेंट को विदेश भागने से पहले गिरफ्तार किया जाए और अंकिता के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। यह घटना एक बार फिर उन फर्जी एजेंटों के काले सच को उजागर करती है जो मासूमों को सुनहरे सपनों के नाम पर मौत के कुएं में धकेल देते हैं।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles